भूरी सिंह संग्रहालय का 118वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, चम्बा की कला-संस्कृति के संरक्षण पर हुई चर्चा
भूरी सिंह संग्रहालय का 118वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, चम्बा की कला-संस्कृति के संरक्षण पर हुई चर्चा
चम्बा : जितेन्द्र खन्ना /
चम्बा की ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध कला-संस्कृति का प्रतीक भूरी सिंह संग्रहालय सोमवार को अपने 118वें स्थापना दिवस के अवसर पर उत्सव के रंग में नजर आया। संग्रहालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने संग्रहालय के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ चम्बा की लोक कला, संस्कृति और प्राचीन विरासत के संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को संग्रहालय का भ्रमण करवाया गया और यहां संरक्षित ऐतिहासिक एवं कलात्मक धरोहर से रूबरू करवाया गया। विद्यार्थियों ने संग्रहालय में रखी प्राचीन वस्तुओं और कलाकृतियों के बारे में जानकारी हासिल की।
वॉइस ओवर:
भूरी सिंह संग्रहालय की स्थापना 14 सितंबर 1908 को हुई थी और हर वर्ष की तरह इस बार भी इसका स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संग्रहालय के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को इसकी ऐतिहासिक महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
संग्रहालय अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि भूरी सिंह संग्रहालय हिमाचल प्रदेश की लोक कला और समृद्ध संस्कृति का एक जीवंत उदाहरण है। यहां संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरें चम्बा की प्राचीन कला और संस्कृति की कहानी बयां करती हैं। यही वजह है कि इस विरासत को करीब से देखने और समझने के लिए देश-विदेश से पर्यटक चम्बा पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटकों के अलावा हर वर्ष औसतन करीब 1500 विदेशी पर्यटक भी भूरी सिंह संग्रहालय का भ्रमण करते हैं। उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं को संजोकर रखने का स्थान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

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