चंबा मेडिकल कॉलेज में इलाज और एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल, टांडा ले जाते समय 36 वर्षीय महिला की मौत
चंबा मेडिकल कॉलेज में इलाज और एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल, टांडा ले जाते समय 36 वर्षीय महिला की मौत
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
ग्राम पंचायत कुम्हारका के गांव कुम्हारूईं निवासी 36 वर्षीय बबली देवी उर्फ बॉबी की घास काटते समय ढलान से गिरने के बाद मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने चंबा मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार में देरी और रेफर किए जाने के बाद करीब दो घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध न होने के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार बबली देवी शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे घास काटने गई थीं। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह ढलान से नीचे गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के करीब आधे घंटे बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार में काफी समय लग गया। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया। आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध होने में करीब दो घंटे का समय लग गया। परिजनों के अनुसार एंबुलेंस के लिए संपर्क करने पर कभी टायर तो कभी तेल की समस्या का हवाला दिया गया।
आखिरकार महिला को टांडा के लिए रवाना किया गया, लेकिन बाथरी के समीप उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार महिला की मौत के बाद शव को वापस चंबा लाने के लिए भी एंबुलेंस को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर भाजपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य राज सिंह ठाकुर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मृतका के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपना रोष जाहिर किया।
वहीं, एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
महिला की मौत के बाद अब परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि इलाज या एंबुलेंस में देरी का महिला की मौत से सीधा संबंध था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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