सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल-कथोली में स्नेकबाइट अवेयरनेस डे मनाया गया

 सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल-कथोली में स्नेकबाइट अवेयरनेस डे मनाया गया


सर्पदंश पर बच्चों ने दी जागरूकता की सीख, स्किट के जरिए बताया क्या करें और क्या न करें। सर्पदंश के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार के महत्व का संदेश देने के उद्देश्य से 19 सितंबर को सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल-कथोली नगरोटा सूरियां में इंटरनेशनल स्नेकबाइट अवेयरनेस डे मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमन दुआ के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया।

कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों ने सर्पदंश की स्थिति में क्या करें और क्या न करें विषय पर प्रभावशाली जागरूकता स्किट प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना और समय पर चिकित्सकीय उपचार लेना बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार तथा सुरक्षा उपायों से संबंधित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां भी प्रस्तुत कीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को सर्पदंश को लेकर फैली भ्रांतियों से बचने और वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सपन कुमार तथा सोनिया देवी ने कार्यक्रम में भाग लिया। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद ने विद्यार्थियों को सर्पदंश के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी देते हुए कहा कि सही समय पर सही कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को सर्पदंश के मामलों में पीड़ित को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रेरित किया।

स्कूल की प्रधानाचार्या मोनिका राणा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सर्पदंश से बचाव और सुरक्षा उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों और समाज तक भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश पहुंचता है। इस दौरान कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन निदेशक श्री स्वर्ण सिंह राजपूत एवं सभी अध्यापक भी शामिल रहे। 

कार्यक्रम के अंत में सक्रिय सहभागिता और बेहतरीन प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, झाड़-फूंक या गलत उपचार में समय न गंवाएं और पीड़ित को तुरंत चिकित्सकीय सहायता दिलाएं।

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