राजकीय महाविद्यालय चम्बा के शिक्षा विभाग ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के उपलक्ष्य पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया ।
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
कार्यक्रम में महाविद्यालय की उप-प्रधानाचार्य प्रो. सपना बक्शी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. परनीता कुमारी गुरूदल के मार्गदर्शन में किया गया।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 सितम्बर को मनाया जाता है। यह दिवस विश्वभर में शांति, अहिंसा, सह-अस्तित्व, आपसी सम्मान और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में इस दिवस की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। शांति केवल युद्ध एवं हिंसा की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि समाज में समानता, संवाद, सहिष्णुता, सहयोग और एक-दूसरे के अधिकारों के सम्मान की भावना को मजबूत करना भी है। युवाओं में इन मूल्यों का विकास शांतिपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता, नारा लेखन प्रतियोगिता तथा पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने शांति, अहिंसा, भाईचारे, सद्भाव एवं मानवता जैसे विषयों पर अपने विचार एवं रचनात्मक अभिव्यक्तियां प्रस्तुत कीं।
भाषण प्रतियोगिता में सचिन ठाकुर, बी.ए. प्रथम वर्ष ने प्रथम, रिया, बी.ए. प्रथम वर्ष ने द्वितीय तथा अदिति शर्मा, बी.ए. तृतीय वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
नारा लेखन प्रतियोगिता में मुस्कान, बी.ए. प्रथम वर्ष ने प्रथम, अदिति चौहान, बी.ए. तृतीय वर्ष ने द्वितीय तथा सुशांत, बी.ए. प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसी प्रकार पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में अनिता, बी.ए. प्रथम वर्ष ने प्रथम, अक्षिता, बी.ए. द्वितीय वर्ष ने द्वितीय तथा आयुषी, बी.ए. प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में डॉ. विदुषी एवं प्रो. निशा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए शांति, सद्भाव एवं मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. सपना बक्शी ने विद्यार्थियों को शांति एवं सद्भाव का संदेश देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की महत्वपूर्ण वाहक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने व्यवहार एवं कार्यों में अहिंसा, सहिष्णुता, सहयोग, भाईचारे और पारस्परिक सम्मान की भावना को अपनाने का आह्वान किया। इसके उपरांत उन्होंने उपस्थित शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों को शांति की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर प्रो. पूनम, प्रो. सुमित, प्रो. निशा, डॉ. विदुषी सहित शिक्षा विभाग के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शांति, सह-अस्तित्व, सामाजिक समरसता एवं मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

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