जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
बार-बार लॉन्चिंग में फेल होने से कुंठित हैं राहुल गांधी, कांग्रेस से गांधी परिवार का बोरिया-बिस्तर फेंकने का समय : जयराम ठाकुर
ऑफिस के उद्घाटन से ही अशुभ संकेत शुरू, पहले दिन ही बत्ती गुल, सुविधाएं छीनने, संस्थान बंद करने और विकास रोकने वाले सीएम को ऑफिस की क्या जरूरत?
हार निश्चित देख साजिशन आपदा का बहाना बनाकर सुक्खू द्वारा रोके गए चुनाव, हमने भी लोकतंत्र की मूल इकाई और संविधान के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ी लड़ाई
हमने सरकार में कोविड जैसी भयावह स्थिति में चुनाव करवाए, क्योंकि लोकतंत्र की मूल इकाई को जेई, पंचायत सचिव और ड्राफ्टमैन के हवाले नहीं किया जा सकता
कांगड़ा/जयसिंहपुर
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कांगड़ा जिला के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव के परिणाम हिमाचल प्रदेश के ज्योतिषी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पहले से ही पता थे, इसीलिए उन्होंने पूरे तंत्र को इस चुनाव से बचने के लिए रास्ता निकालने के लिए लगा रखा था। मुख्यमंत्री के सलाहकारों द्वारा रास्ता निकाला गया कि आपदा का बहाना बनाकर चुनाव रोक दिया जाए, जिससे चुनाव में होने वाली फजीहत से बचा जा सके।
लेकिन हम मुख्यमंत्री की इस साजिश के खिलाफ उच्च न्यायालय गए और अपना पक्ष रखा कि जब पूरी दुनिया कोविड जैसी महामारी की चपेट में थी, तब भी हमने चुनाव करवाए। क्योंकि लोकतंत्र की मूल इकाई को पंचायत सचिव, जेई, ड्राफ्टमैन के हवाले नहीं किया जा सकता है। हाई कोर्ट ने हमारी बात मानी और चुनाव करवाने के आदेश दिए गए, लेकिन मुख्यमंत्री फिर भी नहीं माने और सुप्रीम कोर्ट में भी चुनाव रोकने के लिए लड़ाई लड़ी। इस लड़ाई में उन्होंने वकीलों पर 50-50 लाख रुपये खर्च किए, वहां भी उन्हें हार मिली और मजबूरन चुनाव करवाने पड़े। परिणाम सामने है, कांग्रेस का सुपड़ा साफ है। मुख्यमंत्री से रोज जवाब-तलब हो रहा है? अब उनके मंत्री और नेता मिलकर उनकी कुर्सी खींचने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आज सरकार सिर्फ बदले की भावना के साथ काम कर रही है। पंचायत से लेकर विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री बदले की भावना के साथ आज काम कर रहे हैं। उन्हें इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इतिहास गवाह है, ऐसी लड़ाइयों का परिणाम प्रदेश के लिए अच्छा नहीं हुआ है। जो अधिकारी बदले की भावना को हवा दे रहे हैं, उन्हें भी मैं बताना चाहता हूं कि इस सरकार का कोई भविष्य नहीं है। इसलिए इस सरकार के साथ अपना भविष्य जोड़ने की बजाय कानून के दायरे में रहकर नियम के अनुसार काम करें।
जयराम ठाकुर ने नए मुख्यमंत्री कार्यालय के उद्घाटन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस कार्यालय से स्वर्गीय डॉ. वाई.एस. परमार जी से लेकर स्वर्गीय राम लाल , स्वर्गीय वीरभद्र सिंह , शांता कुमार , धूमल और मैंने काम किया, वही कार्यालय अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए बेकार हो गया। प्रदेश के सभी मुख्यमंत्रियों ने इसी कार्यालय से जनहित की योजनाएं चलाईं, नए संस्थान खोले और प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाया। इसी कार्यालय के पहले कैबिनेट में हमने प्रदेश के बुजुर्गों के लिए पेंशन की आयु और सीमा खत्म की। इसी कार्यालय से हमने सहारा, शगुन, हिम केयर, गृहिणी सुविधा, स्वावलंबन जैसी योजनाएं चलाईं, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश में लोकहित की नई गाथा लिखी। लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने इसी कार्यालय से योजनाएं बंद कीं, संस्थान बंद किए और विकास के कामों पर रोक लगाई। अब अपने लिए नया कार्यालय बनवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश में आर्थिक संकट का हवाला दिया जा रहा है, दूसरी तरफ करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नया कार्यालय बनाया जा रहा है। सवाल यह है कि बिना मंत्रिमंडल के गठन के ही पूर्व सरकार के एक साल के संस्थान बंद करने, सुविधा छीनने और विकास ठप करने वाले मुख्यमंत्री को कार्यालय की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी शायद बहुत जल्दी में हैं, इसलिए जल्दबाजी में भवन का उद्घाटन भी कर दिया है। हालात यह रहे कि उद्घाटन के समय ही बिजली गुल हो गई। मुख्यमंत्री जी स्वयं आजकल ज्योतिषी बनने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इस घटना को भी एक अशुभ संकेत के रूप में देख लेना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को घटिया राजनीतिक सोच बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 100 बार लॉन्च किए जाने की फेल कोशिश की कुंठा राहुल गांधी के व्यक्तित्व से झलकने लगी है। जिस तरीके की हरकतें उन्होंने की हैं, वह देश की राजनीति में स्वीकार्य नहीं है। गाली देकर, अभद्र भाषा का प्रयोग करके प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। भाजपा तो छोड़िए, आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी ही कांग्रेस से गांधी परिवार का बोरिया-बिस्तर उठाकर फेंक देगी। कांग्रेस और कांग्रेस के युवराज लगातार अपने व्यवहार में घटिया स्तर पर गिरते जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधि लोकतंत्र की मूल इकाई को मजबूत करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना के साथ कार्य करेंगे। यह लड़ाई अभी आगे भी लड़नी है। आगामी विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का सुपड़ा पूरी तरह से साफ करना है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ऐतिहासिक पराजय और भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड जनादेश दिलवाना है। इसलिए एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के लिए जी-जान से कार्य करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, डबल इंजन की सरकार प्रदेश के विकास को फिर से रफ्तार देगी।
इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, पूर्व मंत्री सुनील शर्मा, जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रवींद्र धीमान, पूर्व जिला भाजपा प्रभारी विनोद ठाकुर, जाली के पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, जिला अध्यक्ष रागिनी रकवाल, प्रदेश प्रवक्ता विनय शर्मा, घनश्याम शर्मा, जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिला परिषद सदस्य, समेत अन्य नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि, स्थानीय पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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