पांच दिवसीय कार्यक्रम में कांगड़ा जिला की विभिन्न तहसीलों से 40 अध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण

 रेहन में क्षमता निर्माण कार्यक्रम पर विशेष गतिविधियां 

पांच दिवसीय कार्यक्रम में कांगड़ा जिला की विभिन्न तहसीलों से 40 अध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण


जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान धर्मशाला के तत्वावधान में रेहन में जिला स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में प्रशिक्षण के साथ अन्य गतिविधियों को किया गया। मुख्य अतिथि तथा प्रशिक्षण प्रवक्ता शिरकत करते हुए डॉ संजय पठनीया ने अध्यापकों का मार्गदर्शन किया और भूगोल पठन पाठन के महत्वपूर्ण बिंदुओं का ज्ञान अध्यापकों के साथ साझा किया I कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. जोगिन्द्र सिंह ने पांच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला परियोजना अधिकारी नीना पुन के मार्गदर्शन में जिले में रेहन क्षेत्र को टीजीटी अध्यापकों के प्रशिक्षण हेतु चुना गया है । कार्यशालाओं का आयोजन किया विधिवत तरीके से किया गया I वहीं, रिसोर्स पर्सन कपिल मेहरा ने भी विषय पाठन की विस्तृत जानकारी सभी अध्यापकों के साथ साझा की और प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण पद्धति की मूलभूत जानकारी मुहैया करवाई।

 डॉ. जोगिन्द्र सिंह द्वारा विशेष अतिथि वक्त आमंत्रित दार्शनिक साहित्यकार पंकज दर्शी ने प्रो एक्टिव टीचिंग को लेकर अपनी विषय वस्तु अध्यापकों के साथ साझा की । साहित्यकार दर्शी ने परिणाम अनुरूप शिक्षण पर अपने विचार रखे और शिक्षण को राष्ट्र निर्माण में मुख्य भूमिका अदा करने वाला बताया । अध्यापकों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही श्री दर्शी ने बेहतर अध्ययन के लिए पठन पाठन की आवश्कता को बल दिया । डॉ जोगिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि रिसोर्स पर्सन यदि समाज के उत्कृष्ट व्यक्तित्व भी मिलें तो इससे वे अध्यापकों के शिक्षण को कई प्रकार से अभिनव और नवीन करके इसे बेहतर और अत्यधिक उपयोगी बना पाएंगे । इस दौरान इन अध्यापकों से विभिन्न विषयों एवं अध्यापन से संबंधित क्रिया-कलाप भी करवाए गए। कार्यशाला में भाग लेने वाले अध्यापकों ने भी कहा कि अपने इस प्रशिक्षण के अनुभव को स्कूल में लागू करेंगे । इस मौके पर सभी अध्यापकों द्वारा विशेष प्रतिक्रिया व्यक्त करके मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ संजय पठनीया, रिसोर्स पर्सन कपिल मेहरा और साहित्यकार पंकज दर्शी का धन्यवाद और सम्मान किया गया ।

 दोपहर भोजन उपरांत अध्यापकों की मांग पर मुख्य अतिथि वक्ता डॉ संजय पठनीया ने सौर ऊर्जा, साइक्लोन, वर्षा, भौगौलिक संरचना, पृथ्वी के वातावरण और जलवायु तथा समय आदि विषयों की विस्तृत जानकारी अध्यापकों को दी ।

रिसोर्स पर्सन की भूमिका में सुभाष ठाकुर और विजय धीमान ने भी अध्यापकों के साथ विभिन्न निर्धारित शिक्षा मॉड्यूल विषय भूगोल विज्ञान पर अपना वक्तव्य रखा । 31 जनवरी को इस कार्यशाला का समापन किया जाएगा और उसी दिन भाग लेने वाले सभी अध्यापकों को सर्टिफिकेट भी दिए जायेंगे ।

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