लावारिस मिले नवजात शिशु की टांडा में उपचार के दौरान मौत, कलियुगी माता-पिता की तलाश में जुटी पुलिस
लावारिस मिले नवजात शिशु की टांडा में उपचार के दौरान मौत, कलियुगी माता-पिता की तलाश में जुटी पुलिस
कांगड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खोली गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ सुबह के समय एक नवजात शिशु बिना कपड़ों के लावारिस हालत में रोता हुआ मिला। हालांकि स्थानीय लोगों और प्रधान की सूझबूझ से बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
प्रातः 4 बजे सुनाई दी बच्चे के रोने की आवाज
घटना खोली गांव के वार्ड नंबर 7 की है। प्रातः लगभग 4.00 बजे जब लोगों ने एक नवजात शिशु के लगातार रोने की आवाज सुनी, तो पड़ोस के लोग जाग गए। जब लोगों ने जाकर देखा तो एक मकान के पिछवाड़े में एक नवजात लड़का बिना कपड़ों के ठंड और दर्द से तड़पते हुए पड़ा हुआ था। इलाके में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और चर्चा थी कि कोई बेरहम मां-बाप अपने ही खून को इस तरह बेसहारा छोड़ गए हैं।
अस्पताल में हुई मासूम की मौत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव के प्रधान ने तुरंत आगे आकर बच्चे को सुरक्षित कपड़े में लपेटा और इसकी सूचना कांगड़ा थाना पुलिस को दी। इसके बाद बच्चे को तुरंत इलाज के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश तेज
इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए भारतीय न्यायिक संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 93 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इन धाराओं के तहत उन माता-पिता को सजा का प्रावधान है, जिन्होंने नवजात को बेरहमी से लावारिस छोड़ा और उसकी देखभाल नहीं की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों तक पहुँचने के लिए अब यह छानबीन की जा रही है कि पिछले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों में किन-किन महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है। पुलिस ने मासूम के शव का पोस्टमार्टम करवाकर आगे की गहन जांच शुरू कर दी है।

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