मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा में विकास के सारे काम रोके, चौतरफा अराजकता और बदहाली : जयराम ठाकुर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा में विकास के सारे काम रोके, चौतरफा अराजकता और बदहाली : जयराम ठाकुर
केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 30 करोड़ न देकर 50 करोड़ का कार्यालय बनवा रहे हैं मुख्यमंत्री
सरकार ने तय किया पंचायत चुनाव नहीं होंगे, तो हमने भी तय किया है कि हम चुनाव करवाकर रहेंगे
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐतिहासिक प्रगति की, अभूतपूर्व कार्यों का साक्षी बनने का हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ
कांगड़ा/बैजनाथ
बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला सुक्खू सरकार में पूरी तरह बदहाल है। नए काम तो छोड़िए, पूर्व सरकार के समय के जो काम थे, उन्हें भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उनका बजट रोक दिया गया या डायवर्ट कर दिया गया। जो सड़कें टूटी हुई थीं, वे आज भी टूटी हुई हैं। जो काम जहां था, वहीं ठहरा हुआ है। कांगड़ा के लिए पूर्व सरकार में जो भी योजनाएं भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई थीं, वे बंद हैं। पूर्व सरकार के समय बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक मुल्क राज प्रेमी ने जो भी मांगा, वह दिया गया। स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, जिसकी मांग की गई, सब कुछ मिला। लेकिन तालाबंदी में माहिर मुख्यमंत्री ने सत्ता में आते ही ज्यादातर संस्थानों को डीनोटिफाई कर दिया। आईटीआई सकड़ी का भवन बनकर तैयार है, लेकिन ताला अभी तक लगा है। छोटा भंगाल में मिनी सचिवालय बनकर तैयार है, लेकिन वहां पर भी ताला लटका हुआ है। बस अड्डे का काम रोका गया है। आयुर्वेदिक कॉलेज पपरोला बंद होने के कगार पर है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश भर में जहां देखो, वहां व्यवस्था परिवर्तन वाली सुक्खू सरकार की तालाबंदी नजर आती है। इसका कारण है कि यह सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना और तालाबंदी की नीयत के साथ ही आगे बढ़ रही है। जब हमारी सरकार आई थी तो हमने अपनी पहली कैबिनेट में वृद्धावस्था पेंशन का दायरा बढ़ाने के लिए बुजुर्गों की आयु और आय सीमा हटाई थी, जिसकी वजह से प्रदेश में चार लाख नए पेंशनर जुड़े और सामाजिक सुरक्षा पर हर साल 1400 करोड़ रुपए खर्च हुए। सहारा, शगुन, स्वावलंबन, गृहिणी जैसी योजनाएं चलाईं। बिजली और पानी के बिल माफ किए। बसों में मातृशक्ति के लिए किराया आधा किया। चुनाव से पहले हमने किसी भी चीज की गारंटी नहीं दी थी, लेकिन जो प्रदेशवासियों के हित के लिए, मातृशक्ति के भले के लिए और बुजुर्गों के स्वाभिमान के लिए जरूरी था, वह हमने किया, क्योंकि हमारी नीयत में हर प्रदेशवासी को सुख, समृद्धि, स्वाभिमान और स्वावलंबन देने की थी। हमने किया , जिसकी वजह से बेसहारा लोगों को सहारा मिला और बीमार लोगों को इलाज से नया जीवन। कितनी बेशर्मी की बात है कि मुख्यमंत्री इसे भी रेवड़ी कहकर अपनी निम्न स्तर की सोच का प्रदर्शन करते हैं।
जनसभा को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी हार निश्चित देखकर यह तय कर लिया था कि पंचायत चुनाव नहीं करवाएंगे। उसके लिए उन्होंने एक से बढ़कर एक साजिशें कीं। हमने भी तय किया कि पंचायत चुनाव करवाकर रहेंगे। इसके लिए हमने उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी। हमने पंचायत के चुनाव कोविड जैसी महामारी के दौरान भी करवाए, क्योंकि लोकतंत्र की इस मौलिक इकाई का हम गला नहीं घोंट सकते। न्यायालय ने हमारी बात मानी और सुक्खू सरकार को 2026 से पहले सभी चुनाव संपन्न करने के निर्देश दिए। पंचायत चुनाव हुए, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की चौतरफा जीत हुई और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह जीत प्रदेशवासियों के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के प्रति विश्वास की जीत है। नरेंद्र मोदी का 12 साल का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा पड़ा है। बड़े अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह के समय में जो भारत की अर्थव्यवस्था ‘फ्रैजाइल फाइव’ थी, वह ‘टॉप फोर’ तक पहुंची। देश नक्सल मुक्त हुआ, धारा 370 हटी, भगवान श्री राम का अयोध्या में भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ। हम सभी चंद्रयान से लेकर गगनयान तक की ऐतिहासिक उपलब्धियों के साक्षी बने। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान को धूल चटाई, बल्कि भारत की रणनीतिक कुशलता और आत्मरक्षा प्रणाली में हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए पूर्व सरकार द्वारा सारी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ हुआ, बस प्रदेश सरकार को 30 करोड़ रुपए जमा करने हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वह पैसे नहीं जमा कर रहे हैं। दूसरी तरफ अपने लिए 50 करोड़ से हाई-फाई कार्यालय बनवा रहे हैं। काम करने के लिए कार्यालय नहीं, सही नीयत और सकारात्मक दृष्टिकोण चाहिए। दुर्भाग्य से वह मुख्यमंत्री के अंदर नहीं है। इसी कार्यालय में बैठकर हमने पिछली सरकार में हजारों संस्थान खोले, जनहित की दर्जनों योजनाएं चलाकर प्रदेश के लाखों जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई। उसी कार्यालय से मुख्यमंत्री सुक्खू ने हजारों की संख्या में स्कूल, कॉलेज और अस्पताल बंद किए और सैकड़ों की संख्या में शराब के नए ठेके खोले।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी हमें रुकना नहीं है। एकजुट होकर सभी कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का इसी तरह सूपड़ा साफ करना है। यह पता चले कि हिमाचल में झूठी गारंटियां देने वालों और झूठ बोलने वालों के लिए राजनीति में कोई जगह नहीं है। इस दौरान कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री तथा सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुधीर शर्मा, विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पार्टी प्रत्याशी रहे मुल्क राज प्रेमी, जिला प्रभारी विनोद ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता पंकज जम्वाल, पूर्व प्रदेश महामंत्री लोकेंद्र कपूर, जिला अध्यक्ष राजेश ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता विनय शर्मा, पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ संयोजक घनश्याम शर्मा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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