हिमाचल के बढ़ते कर्ज पर भाजपा का सरकार से सीधा सवाल—हिसाब दे सरकार
हिमाचल के बढ़ते कर्ज पर भाजपा का सरकार से सीधा सवाल—हिसाब दे सरकार
तीन वर्षों में ₹35,555 करोड़ के नए ऋण का दावा, वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग : राजेश काका
जसूर। भाजपा जिलाध्यक्ष नूरपुर राजेश काका ने प्रदेश सरकार की वित्तीय नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि तीन वित्तीय वर्षों में सरकार ने ₹35,555 करोड़ का नया ऋण लिया है।
राजेश काका के अनुसार, 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश का बकाया ऋण ₹1,01,863 करोड़ पहुंच चुका था। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी सरकार द्वारा ऋण लेने का सिलसिला जारी रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि इतनी बड़ी उधारी के बावजूद कितने नए उद्योग लगे, कितने बड़े अस्पताल और शिक्षण संस्थान बने, कितने स्थायी रोजगार पैदा हुए और प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए कौन-कौन सी नई परिसंपत्तियां तैयार की गईं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को दिसंबर 2022 से अब तक लिए गए कुल ऋण, चुकाए गए मूलधन एवं ब्याज तथा विकास और पूंजीगत कार्यों पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी किया जाए, ताकि जनता को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि सरकार ने कितना ऋण लिया और उस राशि का उपयोग किन कार्यों में किया गया।
राजेश काका ने कहा कि कर्ज प्रदेश की जनता के नाम पर लिया जाता है और इसकी जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ती है। इसलिए सरकार को आंकड़ों के साथ जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
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