सोलन में पानी, कचरा और टैक्स के नाम पर जनता को ठगती रही कांग्रेस : राजेश कश्यप
सोलन में पानी, कचरा और टैक्स के नाम पर जनता को ठगती रही कांग्रेस : राजेश कश्यप
जल संकट, डंपिंग साइट और ट्रैफिक अव्यवस्था ने सोलन की पहचान बिगाड़ी : भाजपा
चेस्टर हिल्स, वोटर सूची और जमीन मामलों में कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल : शैलेन्द्र गुप्ता
2021 के वादे भूली कांग्रेस, सोलन में पार्किंग, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दे पाई
भ्रष्टाचार, कर्ज और अव्यवस्था में डूबा सोलन नगर निगम, जनता कांग्रेस को देगी जवाब : भाजपा
सोलन,
भाजपा वरिष्ठ नेता राजेश कश्यप एवं मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने कांग्रेस सरकार और कांग्रेस शासित सोलन नगर निगम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सोलन में पिछले वर्षों में केवल अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, जल संकट, टैक्स वृद्धि और विकास कार्यों की अनदेखी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के सामने कांग्रेस सरकार और नगर निगम की विफलताओं का तथ्यात्मक आरोप पत्र लेकर आई है।
राजेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2021 के घोषणा पत्र में सस्ती और बेहतर जल सुविधा देने का वादा किया था, लेकिन आज भी सोलन के अनेक क्षेत्रों में लोगों को 7 से 8 दिन में केवल एक बार पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन लीकेज के कारण लगभग 40 प्रतिशत पानी बर्बाद हो रहा है और लोगों को मजबूरी में निजी टैंकरों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सोलन की जल व्यवस्था को नगर निगम से जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित करने में भी विफल रही, जिससे समस्या और गंभीर हो गई। राज्य सरकार ने पानी की दरें लगभग चार गुना बढ़ाकर ₹27.71 से ₹100 प्रति किलोलीटर कर दीं, जिसके कारण नगर निगम पर लगभग ₹125 करोड़ का भारी जल बिल चढ़ गया और उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।
शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस शासित नगर निगम सलोगड़ा डंपिंग साइट पर पड़े लगभग 48,000 टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक निपटान करने में पूरी तरह विफल रहा। मई 2022 में तय समय सीमा के बावजूद समस्या जस की तस बनी रही, जिसके चलते राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ₹9.10 लाख का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया और कई बार नोटिस जारी किए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2021 के संकल्प पत्र में घर-घर मुफ्त कचरा उठाने और शहर की सीवरेज व्यवस्था सुधारने का वादा किया था, लेकिन न तो मुफ्त कचरा उठान हुआ और न ही सीवरेज व्यवस्था सुधर पाई। लगभग ₹6 करोड़ खर्च और मात्र ₹1 करोड़ की वसूली के बावजूद कचरा प्रबंधन की स्थिति नहीं सुधरी और ₹50 लाख से अधिक बकाया खड़ा हो गया। अंततः इस मामले में उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व वाले नगर निगम ने संपत्ति कर में भारी बढ़ोतरी की, जिससे विशेष रूप से नए जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए। जबकि कांग्रेस ने घोषणा पत्र में मकान और सफाई कर कम करने तथा पांच वर्षों तक कर में छूट देने का वादा किया था, वास्तविकता इसके विपरीत निकली। लोगों को भारी शहरी टैक्स देना पड़ रहा है जबकि कई क्षेत्रों में अभी तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
राजेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने पुराने बस स्टैंड, जौणाजी रोड और राजकीय महाविद्यालय सोलन में बहुमंजिला पार्किंग निर्माण और ट्रैफिक सुधार के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सोलन आज भी गंभीर ट्रैफिक जाम और पार्किंग संकट से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्क, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, रोज गार्डन और एम्बुलेंस रोड जैसी मूलभूत सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के वादे भी अधूरे पड़े हैं। शहर में सार्वजनिक मनोरंजन और नागरिक सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है।
शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने, बेहतर स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा उपायों का वादा किया था, लेकिन अधिकांश कार्य अधूरे रह गए। इसके कारण विशेषकर महिलाओं में रात के समय असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि ₹700 करोड़ की चेस्टर हिल्स हाउसिंग परियोजना को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि परियोजना में गलत तरीके से भूमि खरीद-बिक्री, बेनामी लेन-देन और भूमि कानूनों के उल्लंघन जैसी अनियमितताएं हुईं। जांच में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी भी सामने आई।
उन्होंने कहा कि सोलन नगर निगम की मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। लंबे समय से रहने वाले कई लोगों के नाम हटाए गए, कई वार्ड सीमाओं में अनियमितताएं सामने आईं और कुछ क्षेत्रों को दो बार जोड़ा गया या पूरी तरह बाहर रखा गया। इससे मतदाता सूची निर्माण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगा है।
राजेश कश्यप और शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पर्यावरण संरक्षण व्यवस्था भी कमजोर रही। आरटीआई से खुलासा हुआ कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में 195 उद्योग बिना आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण अनुमति के चल रहे थे, जिससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की वित्तीय लापरवाही के कारण कठेर बाईपास पर बन रहे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहा। 33 केवी बिजली लाइन हटाने के लिए ₹53.65 लाख जारी नहीं किए गए, जिससे अस्पताल निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य अटक गया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सोलन की जनता को केवल झूठे वादे, भारी टैक्स, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार दिया है, जबकि भाजपा विकास, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नगर निगम चुनावों में जनता कांग्रेस सरकार को करारा जवाब देगी।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें