'नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो'— रिवालसर महाविद्यालय में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, छात्रों ने ली जनजागरण की शपथ
'नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो'— रिवालसर महाविद्यालय में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, छात्रों ने ली जनजागरण की शपथ
अजय सूर्या रिवालसर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रिवालसर द्वारा दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में चलाए जा रहे '10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा अभियान' के अंतर्गत गुरुवार को राजकीय महाविद्यालय रिवालसर में एक प्रभावी नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह अभियान 6 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक 'नशा मुक्ति भारत अभियान' के तहत संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के एंटी ड्रग्स क्लब के प्रभारी मेहर सिंह, स्काउट एवं गाइड प्रभारी अंजली परमार, तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बीके सुनीता दीदी और बीके सोमा दीदी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
शिविर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, उसके सामाजिक एवं मानसिक दुष्परिणामों तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर छात्रों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेते हुए नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ग्रहण की।
इसके बाद महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान छात्रों ने "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो", "नशा मुक्त भारत, स्वस्थ भारत" जैसे प्रेरणादायी नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके सुनीता दीदी ने कहा कि युवा शक्ति यदि नशे से दूर रहकर सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाए, तो समाज और राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित एवं उज्ज्वल बनेगा।
वहीं मेहर सिंह और अंजली परमार ने विद्यार्थियों को नशे के साथ-साथ मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने छात्रों से समय का सदुपयोग करने, खेल, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा समाज में नशा मुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

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