बारिश के बाद फिर दलदल बना आईटीआई नूरपुर का रास्ता, छात्रों का फूटा गुस्सा एसडीएम ने दिया आश्वासन
बारिश के बाद फिर दलदल बना आईटीआई नूरपुर का रास्ता, छात्रों का फूटा गुस्सा एसडीएम ने दिया आश्वासन
नूरपुर से महाजन
नूरपुर बारिश के बाद आईटीआई नूरपुर को जाने वाला निर्माणधीन एन एच ए आई मुख्य मार्ग एक बार फिर दलदल में तब्दील हो गया है। सड़क पर कीचड़, गहरे गड्ढे और बिखरे पत्थरों के कारण विद्यार्थियों, स्थानीय ग्रामीणों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा बन गया है। इस विषय में आज बड़ी संख्या में आईटीआई नूरपुर के छात्र अपनी समस्या लेकर एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा से मिले और उन्हें सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत कराया। छात्रों ने कहा कि बारिश के दौरान यह मार्ग पूरी तरह दलदल में बदल जाता है, जिससे रोजाना आई टी आई पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को भी इसी रास्ते से आवाजाही करनी पड़ती है भारत सरकार के केंद्रीय कार्यालय भी यहां पर स्थित है लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन एन एच आई ए की अड़ियल नीतिओं के कारण नगर परिषद क्षेत्र वार्ड 2 और पंचायती क्षेत्र में लोगों में काफी रोष पाया जा रहा हैl छात्रों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले एक-दो दिनों के भीतर सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो वे एसडीएम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।मोके पर उपस्थित छात्रों ने बताया कि प्रशासन के आश्वासन के बाद उन्होंने आज का धरना 2 दिन के लिए स्थगित कर दिया l
*इस दौरान एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा ने छात्रों की शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिल सके इसलिए छात्रों की प्रमुख मांगो पर गौर किया जाएगा l * * वहीं इसी मामले में सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि सियासी नेता आखिरकार धरातल पर आकर क्यों नहीं छात्रों व जनता की प्रमुख समस्या का समाधान करने हेतु फील्ड में क्यों नहीं आ रहे हैं? ऐसी चर्चाएं क्षेत्र में चर्चित है की मीडिया मे सुर्खियां बनाकर अपने अपने विकास दावो को पेश कर रहे हैं इसमें क्यों नहीं दिलचस्पी लेते हैं

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