राष्ट्रपति ने की बड़ी घोषणा, किसानों व बुजुर्गों को दी खुशखबरी

राष्ट्रपति ने की बड़ी घोषणा, किसानों व बुजुर्गों को दी खुशखबरी 

अभिभाषण में बोली राष्ट्रपति-: भारत एक विकासशील देश है। सरकार ने नवजात शिशु से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए योजना बनाई है। लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में कई मुद्दों का जिक्र किया था। बीजेपी सरकार बनने के बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले किसानो को बड़ी खुशखबरी दी। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। जिसमें बुजुर्गों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। विस्तार से बताया जाए,तो आज देश के राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने नई सरकार के गठन के बाद पहली बार संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और भविष्य के रोड मेप का भी जिक्र किया। आपको बता दें कि संसद भवन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नई सरकार में 70 साल से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों को आयुष्मान का फायदा दे रहे हैं। यही नहीं किसानों के प्रति भी सरकार ने लगातार कार्य किए हैं किसानों को20,000 करोड़ ट्रांसफर किए हैं। इसमें हमने किसानों को ज्यादा आत्मनिर्भर किया है। घोषणा पत्र जारी करते समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 70 बर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि वे अपनी बीमारियों का प्रबंधन कैसे करें। मध्यम वर्ग के लिए ये चिंता भी गंभीर है।भाजपा ने अब आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को शामिल करने का संकल्प लिया है| भाजपा के घोषणा पत्र में कहा गया था, हम आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर बुजुर्गों को भी इसमें शामिल करेंगे| उन्हें मुफ्त गुणवत्तापूर्ण सवस्थ सेवाएं प्रदान करेंगे| वित्त वर्ष 2019 के बजट के दौरान इस योजना की शुरुआत की गई थी, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से भी जाना जाता है, जो वर्तमान में ₹5,00,000 का कवर प्रदान करती है|

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मेरी सरकार 55,00,00,000 लाभार्थियों को. आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करवाए हैं| देश में 25,000 जन औषधि केंद्रों को खोलने का काम भी तेजी से चल रहा है. आप इस क्षेत्र में सरकार एक निर्णय लेने जा रहे हैं| आप आयुष्मान भारत योजना कहते हैं|मुफ्त इलाज का लाभ 70 वर्षों से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी मिलेगा| माननीय सदस्यगण, अक्सर विरोध पर मानसिकता संकीर्ण स्वार्थ के कारण लोकतंत्र की मूल भावना का बहुत अहित हुआ है| इसका प्रभाव संसदीय प्राणी पर भी पड़ता है| देश की विकास यात्रा को भी पड़ता है. देश में कोई देशों को तो अस्थिर सरकार के दौर में कई सरकारों चाहते हुए भी ना रिफॉर्म कर पाए ना ही आवश्यक निर्णय ले पाए| भारत की जनता ने निर्णायक बनकर इस स्थिति को बदला. बीते 10 वर्षों में ऐसे अनेक हुई है जिनका बहुत लाभ देश को आज मिल रहा है. जब रिफॉर्म्स किए जा रहे थे तो भी इनका विरोध किया गया था| नकारात्मकता फैसले की कोशिश की गई थी, लेकिन ये सारे रिफॉर्म समय की परखरिया साबित हुई| 2 साल पहले भारत के बैंकिंग सेक्टर को डूबने से बचाने के लिए सरकार ने बैंकिंग रिफॉर्म किए, आईबीसी जैसी कानून बनाये| आज इन्हीं रिपोर्ट्स ने भारत के बैंकिंग सेक्टर को दुनिया के सबसे मजबूत बैंकिंग सेक्टर में से एक बना लिया| हमारे सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक आज मजबूत लाभदायक है|

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रताप वर्ल्ड स्कूल, इंदौरा में गरबा एवं डांडिया नाइट का भव्य आयोजन

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमाड़ की नई प्रधानाचार्य गगनदीप कौर नै

फतेहपुर के युवा रजत शर्मा ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, UPSC संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा में केमिस्ट ग्रुप 'A' में देशभर में प्रथम स्थान

केंद्रीय कर्मचारियों को दीपावली से पहले मिला बड़ा तोहफा

सुनेट में पसरा मातम: हरियाणा में सड़क हादसे ने छीना विधवा मां का इकलौता सहारा

जिला पुलिस नूरपुर की एक टीम ने अपनी बुद्धिमत्ता से 48 घंटे में चोरी का मामला सुलझाया गया

हटली जंबाला पंचायत बनी ‘चिट्टा मुक्त नूरपुर, नशा मुक्त नूरपुर’ अभियान की 16वीं पंचायत

जयसिंहपुर के राज्य स्तरीय दशहरा उत्सव में पंजाबी गायक निंजा मचाएंगे धमाल

4.48 ग्राम चिट्टे के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार, शाहपुर थाना क्षेत्र का मामला

मिनी सचिवालय फतेहपुर में खुली कैंटीन, बाजार से कम दाम पर मिलेगा ब्रेकफास्ट और लंच