राज्यपाल ने पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर बल दिया

 राज्यपाल ने पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर बल दिया


राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने समाज के सभी वर्गों से वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनने और पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने में अपना सहयोग देने की अपील की है।

वह आज सोलन के निकट शमलेच में सभ्या रि-फोरेस्टर्स सोसाइटी द्वारा आयोजित नौवें वार्षिक वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि वन हमारे ग्रह के फेफड़े हैं जो हमंे ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और विविध पारिस्थितिकी तंत्र को सहारा प्रदान करते हैं। वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण अभियान शुरू करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार एक पेड़ दस पुत्रों के समान होता है।

श्री शुक्ल ने कहा कि समाज को वृक्षारोपण के लक्ष्य निर्धारित करने और लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करने की जरूरत है जिसके लिए जागरूकता पैदा करना और सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को वृक्ष लगाने की जिम्मेदारी साझा करनी चाहिए और पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

उन्होंने पहाड़ी राज्य होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिस्थितियों में तेजी से हो रहे बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राजधानी शिमला भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में वनों की कटाई इसका एक मुख्य कारण है।

श्री शुक्ल ने आज के पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों, विशेषकर विभिन्न विश्वविद्यालयों और स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल ने सभ्या रि-फोरेेस्टर्स सोसाइटी द्वारा पिछले आठ वर्षों से वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद पौधों की देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे सोसाइटी जिम्मेदारी के साथ निभा रही है। सोसाइटी द्वारा अब तक 10 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनकी देखभाल की जा रही है, जो अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने सोसायटी के प्रयासों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कभी 15 से 16 स्वयंसेवकों से शुरू हुआ यह संगठन अब 500 लोगों का एक बड़ा वृक्ष बन गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित हैं।

राज्यपाल ने इस अवसर पर देवदार का पौधा भी रोपा। उन्होंने सोसायटी द्वारा आयोजित पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।

हिमगिरी कल्याण आश्रम सोलन के बच्चों द्वारा वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालने वाला एक लघु नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

सोसाइटी के अध्यक्ष अजय शर्मा ने संस्था की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोसाइटी द्वारा इस वर्ष 1000 पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, सभ्या रि-फोरेस्टर्स सोसाइटी के सचिव रिपु दमन तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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