बादल फटने से मकान बहा, पीड़ित बोले – ‘हमारे नेता ने एक फोन तक नहीं किया’
बादल फटने से मकान बहा, पीड़ित बोले – ‘हमारे नेता ने एक फोन तक नहीं किया’
रिवालसर : अजय सूर्या /
सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुक्लाह में 30 जुलाई को बादल फटने से कई मकान तेज पानी के बहाव में बह गए। इनमें परस राम और उनकी पत्नी लीला देवी का मकान भी पूरी तरह तबाह हो गया। यह पंचायत पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के क्षेत्र में आती है, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद न तो वे मिलने आए और न ही फोन पर हालचाल लिया।
परस राम ने कहा कि वे जय राम ठाकुर के पूर्ण समर्थक रहे हैं, लेकिन इस मुश्किल समय में उनसे कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि थुनाग में राहत सामग्री और दान पहुंच रहा है, जो अच्छी बात है, लेकिन कुक्लाह पंचायत, जहां 5-6 मकान पूरी तरह बह गए, वहां मदद क्यों नहीं पहुंच रही।
लीला देवी ने बताया कि घटना के बाद वह दोहरे सदमे में थीं और 6-7 दिन गोहर अस्पताल में भर्ती रहीं। डॉक्टर ने महंगे इंजेक्शन और दवाइयां लिख दीं, जबकि उन्हें अस्पताल से मुफ्त मिलनी चाहिए थी। जब चच्योट स्कूल की एक अध्यापिका को यह पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया और मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देकर महिला के फ्री इलाज की व्यवस्था करवाई।
परिवार पहले ही कुछ महीने पहले अपने 22 वर्षीय बेटे को दुर्घटना में खो चुका था। अब मेहनत से बनाया गया घर भी प्राकृतिक आपदा में बह गया। लीला देवी खड्डी का काम करती थीं, जबकि परस राम मिस्त्री का कार्य करते थे। पानी के बहाव में उनका सारा सामान और कामकाज का साधन भी नष्ट हो गया है।
समाजसेवी राकेश कुमार ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन और पूर्व मुख्यमंत्री से सवाल किया कि पीड़ित परिवार की मदद क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि रास्ते बंद थे तो फोन किया जा सकता था, और अब तो सड़क मार्ग भी खुल चुका है। उन्होंने प्रशासन, सरकार और जनता से अपील की कि सभी मिलकर इन परिवारों की मदद करें, क्योंकि यह मुश्किल किसी पर भी आ सकती है।


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