राजस्व मंत्री को आत्मा परियोजना द्वारा हिम भोग मक्की का आटा किया गया भेंट

 राजस्व मंत्री को आत्मा परियोजना द्वारा हिम भोग मक्की का आटा किया गया भेंट


राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी से आज आत्मा परियोजना किन्नौर के निदेशक डॉ. रितेश गुप्ता व उप-परियोजना निदेशक डॉ. राजेंद्र चौधरी ने शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें प्राकृतिक खेती से तैयार किए गए हिम भोग मक्की का आटा भेंट किया।

राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर उनसे जिला के अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के प्रयासों में और तेजी लाने को कहा तथा जिला किन्नौर में पैदा होने वाले मोटे अनाज को भी मक्की की तर्ज पर बाजार में उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठा रही है तथा विभाग के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक डॉ. रितेश गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री को जानकारी दी कि वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना के तहत जिला में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 6829 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है जबकि वर्तमान में 2765 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला में 647.6 हैक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही हैै

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर