उपमुख्य सचेतक सहित शाहपुर के अधिकारियों ने छोड़ी बिजली सब्सिडी’

 उपमुख्य सचेतक सहित शाहपुर के अधिकारियों ने छोड़ी बिजली सब्सिडी’


    ’प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दें साधन संपन्न लोग: पठानिया

  शाहपुर, धर्मशाला  उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया सहित शाहपुर उपमंडल के विभिन्न अधिकारियों ने बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ दी है इस बाबत शुक्रवार को बिजली बोर्ड को एक फार्म भर कर सौंप दिया है। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राज्य मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बिजली मीटरों पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने का फैसला लिया है तथा उनकी तर्ज पर ही शाहपुर उपमंडल के अधिकारियों ने भी बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ दिया है।

   उन्होंने प्रदेश के सभी साधन सम्पन्न लोगों से भी अपील की है कि वे भी सरकार के प्रयासों में भागीदार बनें और हिमाचल के विकास के लिए सब्सिडी को स्वेच्छा से छोड़ दें। उन्होंने कहा कि इच्छुक बिजली उपभोक्ता विद्युत बोर्ड के ऑनलाईन पोर्टल, 1100 या 1912 नंबर पर फोन करके तथा अपने निकट के विद्युत उपमंडल में जाकर सब्सिडी का परित्याग कर सकते हैं।

   उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खु के नेतृत्व में हिमाचल को आत्मनिर्भर और सबसे समृद्धशाली राज्य बनाने की दिशा में समर्पित प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प के साथ महत्त्वपूर्ण वित्तीय सुधार लाते हुए हमने एक वर्ष के भीतर संशोधित आबकारी नीति लागू कर 2 हज़ार 631 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश गेहूं, मक्की और दूध की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला और एकमात्र राज्य है। प्राकृतिक पद्धति से उगाए गए गेहूं को 40 रुपये और मक्की को 30 रुपये प्रति किलोग्राम के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की से तैयार ‘हिम भोग-हिम मक्की आटा’ लाॅन्च किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1508 किसानों से 399 मीट्रिक टन मक्की की खरीद समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है तथा किसानों के बैंक खातों में 1 करोड़ 20 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आय में वृद्धि करने के लिए गाय के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 45 रुपये प्रति लीटर किया है। इसी प्रकार, भैंस के दूध को 47 रुपये से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नूरपुर शहर के गुमशुदा राघव का शव मिला दुकान के अंदर

आधुनिक पब्लिक स्कूल में राखी मेकिंग कम्पीटिशन करवाया गया

जसूर में छह साल से निर्माणाधीन फ्लाईओवर बना जी का जंजाल, पत्थर गिरने से कार का शीशा टूटा

जवाली बिधानसभा की ग्राम पंचायत सिद्धपुर -घाड़ में  आज केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में जवाली के पूर्व विधायक अर्जुन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।

जगदेव ठाकुर के आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों की बैठक आयोजित

प्याज की कीमतों में भारी उछाल: नासिक मंडी में दाम 76 प्रतिशत तक बढ़े, रसोई का बजट फिर बिगड़ा

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, न नीला ड्रम, न पहाड़ से धक्का

नूरपुर शहर के गुमशुदा राघव का शव मिला दुकान के अंदर मिलने से कई प्रकार की चर्चाएं

दिखावे की गौसेवा पर मंत्री चंद्र कुमार की दो टूक, बोले—पहले घर में गाय पालो

कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने आज ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिद्धपुरघाड़ के गांव झलूंह में 77 वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया