राजकीय महाविद्यालय चम्बा की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर "संकल्प 2025-26" के दूसरे दिन के कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।
आज राजकीय महाविद्यालय चम्बा की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर "संकल्प 2025-26" के दूसरे दिन के कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।
उक्त जानकारी देते हुए कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर अविनाश ने कहा कि दुसरे दिन सर्वप्रथम स्वयंसेवी पलक द्वारा पहले दिन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत एन एस एस गीत "उठें समाज के लिए उठें- उठें, जगें स्वराष्ट्र के लिए जगें जगें, स्वयं सजें वसुंधरा संवार दें" गाकर दिन की शुरुआत की । स्वयंसेवी हिमानी द्वारा आज का विचार " पतझड़ हुए बिना पेड़ पर नए पत्ते नहीं आते, ठीक उसी तरह जीवन में परेशानियों और कठिनाइयों का सामना किये बिना जीवन में अच्छे दिन नहीं आते" सब के समक्ष रखा गया।
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रमानुसार दूसरे दिन स्वयंसेवियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में साफ सफाई की गयी। कूड़ा, प्लास्टिक, पॉलिथीन इकठ्ठा किया गया। नालियों मे से मिट्टी निकाली गयी, कूड़ा निकाला गया । महाविद्यालय भवन में कमरों की विस्तृत सफाई की गयी।
इसके पश्चात स्वयंसेवियों द्वारा ग्राम पंचायत द्रमण के अंतर्गत गांव गलु (परेल-2) में सफाई अभियान चलाया गया । इस दौरान स्वयंसेवियों द्वारा गांव के रास्तों की सफाई, झाड़ियां काटीं कूड़ा करकट हटाया, मंदिर परिसर की सफाई की गई । स्वयंसेवियों द्वारा गांव में प्लास्टिक हटाओ-पर्यावरण बचाओ, प्लास्टिक का धुआं- मौत का कुआं, सब बीमारियों की एक दवाई, घर में रखो साफ सफाई, जन-जन को यह समझाना है, भारत स्वच्छ बनाना है, पेड़ लगाओ- पर्यावरण बचाओ के नारे लगाते हुए एक जागरूकता रैली निकाली । स्वयंसेवियों द्वारा लोगों के घर घर जाकर सफाई के लिए जागरूक किया व कहा कि घर से निकला कूड़ा बाहर खुले में न फेंके । सूखा व गीला कचरा अलग अलग रखें तथा निश्चित स्थान और ही कूड़े का निष्पादन करें।
प्रोफेसर अविनाश ने कहा कि समुदाय की सेवा के साथ ही व्यकितत्व विकास एवम चरित्र निर्माण होता है । निःस्वार्थ एवम निष्काम समुदाय सेवा ही राष्ट्रीय सेवा योजना का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। समाज सेवा करने में आनन्द महसूस करें । इस दौरान पंचायत तथा वार्ड के लोगों, वार्ड सदस्य डिम्पल कुमारी, रवि कुमार द्वारा भी अभियान में सहयोग किया गया ।
अकादमिक सत्र में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ करण हितैषी ने स्त्रोत व्यक्ति के रूप में शिरकत की । उन्होंने युवाओं को नशीले पदार्थ, मादक पदार्थ तस्करी, नशे के कारण कूकृत्य तथा गैर सामाजिक कार्य करना तथा इसके दुष्प्रभाव के बार में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की । उन्होंने कहा कि युवाओं को नशा व नशे के सौदागरों से बचाना तथा इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना समाज के सभी वर्गो का महत्वपूर्ण कर्तव्य है ताकि नशे के दलदल में जाने से लोगों को बचाया जा सके । नशीले पदार्थ के प्रकार, इनकी शरीर एवं मस्तिष्क पर कार्य करने का तरीका, दुष्प्रभाव, नशे की लत, विभिन्न प्रकार के कैंसर इत्यादि के बारे में बताया। उन्होंने स्वास्थ्य प्रणाली, स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें, फर्स्ट ऐड, डीएडिक्शन, तम्बाकू, चिट्टा, हेरोइन, गांजा, शराब का नशा, इनका शरीर, मस्तिक पर प्रभाव, परिवार, समाज पर इसका दुष्प्रभाव इत्यादि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी स्वयंसेवियों को प्रदान की ।
उन्होंने चिट्टा के समाज में बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जानलेवा नशे से बचने के लिए सबका प्रयास आवश्यक है। चिट्टा से बचने के उपाय पर उन्होंने अपना विशेष व्याख्यान रखा।
उन्होंने स्वयंसेवियों के प्रश्नों का हर सम्भव उत्तर देकर निवारण किया।
इस अवसर पर व कार्यक्रम अधिकारियों में प्रोफेसर अविनाश, प्रोफेसर संतोष व स्वयंसेवियों में पिंकू, चुना लोन, अक्षिता, अश्विन, नीरज, अखिल, निखिल गौतम, लतू, कार्तिक, अदिति, अंकिता, अमित, भावना, पलक, कविन्द्र, अक्षिता, नागेश, भारतीय, सुनैना, हिमानी, शेर सिंह, शान्तो, मनीषा, साधना, जानवी, नेहा व खेम राज इत्यादि उपस्थित रहे।


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