डीएफओ नूरपुर ने विभाग के ए सी एफ नूरपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया रियाली पुल क्षेत्र में
डीएफओ नूरपुर ने विभाग के ए सी एफ नूरपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया रियाली पुल क्षेत्र में
नूरपुर : विनय महाजन /
डीएफओ नूरपुर संदीप कोहली ने आज एक भेंट वार्ता में बताया कि ए सी एफ नूरपुर पराशर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट डीएफओ नूरपुर को देंगे वास्तव में मामला क्या है l संदीप कोहली ने बताया कि वाहनों की जांच के दौरान वन विभाग की टीम भी साथ थी और पुलिस भी इस मामले की जांच अपने तरीके से कर रही हैl दो विभागों की रिपोर्ट से पता चलेगा वास्तव में माजरा क्या है l कोहली ने बताया कि पिछले दिन रियाली पल के समीप लकड़ी से लगे संधि का वाहनों को जांच के लिए रोका गया थाl कोहली ने बताया कि गत दिन पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम द्वारा प्रातः रियाली पुल के समीप नियमित नाकाबंदी एवं गश्त के दौरान लकड़ी से लदे कई संदिग्ध वाहनों को जांच हेतु रोका गया था गुप्त सूचना प्राप्त होने पर पुलिस थाना फतेहपुर तथा पुलिस पोस्ट रे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की गई थी ।जांच के दौरान कुल छह पिकअप वाहन तथा एक कैंटर विभिन्न प्रजातियों की लकड़ी एवं ईंधन लकड़ी से लदे पाए गए। वाहन चालकों से लकड़ी के परिवहन संबंधी वैध परमिट, लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।इस संबंध में पुलिस थाना फतेहपुर में धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 41 एवं 42 भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर संख्या 66/2026, 67/2026 एवं 68/2026 दर्ज की गई हैं। प्रारंभिक जांच में लकड़ी के अवैध परिवहन की आशंका पाए जाने पर संबंधित सातों वाहनों तथा लकड़ी को कब्जे में लेकर आगामी जांच एवं कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस मामले को लेकर बन विभाग नूरपुर द्वारा भी आज जांच शुरू कर दी गई हैl डीएफओ नूरपुर संदीप कोहली का कहना है कि पुलिस विभाग के साथ अब वन विभाग भी अपनी अलग से जांच कर रहा है l जांच के दौरान लकड़ी के स्रोत, स्वामित्व तथा परिवहन की वैधता के संबंध में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।कोहली होली का कहना है कि उन्होंने 3 महीने के अंदर उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है अब इसका पता लगाया जाएगा कि यह लकड़ी कहां से आई थी और किस बंद रेंज की है इसलिए जांच का कार्य ए सी एफ नूरपुर को दिया गया है l

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