आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगाने पर हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत डाक्टर संजीव गुलेरीया, प्रदेश अध्यक्ष
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगाने पर हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत डाक्टर संजीव गुलेरीया, प्रदेश अध्यक्ष
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सरकारी भर्तियों और कर्मचारियों के हक में सुनाए गए फैसले का न्यु पेंशन स्कीम दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने पुरजोर स्वागत किया है। डाक्टर संजीव गुलेरीया प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि इस फैसले को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में न जाएं प्रदेश सरकार।उन्होंने कहा कि आउटसोर्स प्रथा में युवाओं को न तो पूरा वेतन मिलता है, न जॉब सिक्योरिटी और न ही कोई भविष्य की गारंटी।इसे बंद करने का हाइकोर्ट का फैसला युवाओं के आर्थिक और मानसिक शोषण को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
महासंघ ने साफ किया है कि यदि सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाती है, तो इसका खामियाजा आगामी चुनाव में भुगतना होगा।
डाक्टर संजीव गुलेरीया ने कहा कि बिना किसी निश्चित और पारदर्शी नियम के की जाने वाली भर्तियां हमेशा से विवादों और भाई-भतीजावाद के घेरे में रही हैं। कोर्ट का यह फैसला इस पर लगाम लगाने में मददगार साबित होगा।महासंघ ने प्रदेश सरकार द्वारा बिना नियमों के की जा रही भर्तियों और पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के हो रहे कथित शोषण पर गहरी चिंता व्यक्त की है।इसके साथ ही, महासंघ ने वर्तमान प्रदेश सरकार और विपक्ष (भाजपा) दोनों को दो टूक नसीहत दी है कि यदि कर्मचारियों और युवाओं के हितों की अनदेखी की गई, तो आगामी चुनावों में प्रदेश के युवा, उनके परिवार, आम जनता और पेंशन-विहीन कर्मचारी मिलकर दोनों प्रमुख दलों का सफाया कर देंगे।डाक्टर संजीव गुलेरीया ने भाजपा को भी चेताया की सत्ता में आने के सपने लेना छोड़े पहले प्रदेश हित, जनता हित्त , कर्मचारी हित्त , युवाओं के लिए रोजगार संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए क्या रोड मैप है वो हिमाचल प्रदेश की जनता को बताया जाए।डाक्टर संजीव गुलेरीया ने कहा कि विभिन्न विभागों में होने वाली छोटी-बड़ी सभी भर्तियों को 'नियमितऔर पारदर्शी तरीके से किया जाना ही बेरोजगारी का सही और स्थाई समाधान है।

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