भारत के खिलाफ शतक जड़ने के बाद गुरबाज ने दिया गौतम गंभीर को श्रेय, बताया कैसे बदली किस्मत
भारत के खिलाफ शतक जड़ने के बाद गुरबाज ने दिया गौतम गंभीर को श्रेय, बताया कैसे बदली किस्मत
धर्मशाला: अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने भारत के खिलाफ पहले वनडे मैच में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका दिल जीत लिया। एचपीसीए स्टेडियम में खेले गए बारिश से प्रभावित 25-25 ओवर के मुकाबले में गुरबाज ने महज 51 गेंदों पर 102 रनों की आतिशी पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 8 छक्के जड़े।
गंभीर की सलाह ने दिखाया कमाल
मैच के बाद गुरबाज ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में साथ रहने के दौरान उनके गंभीर से अच्छे संबंध बने थे। मुल्लांपुर टेस्ट में मिली करारी हार के बाद गुरबाज ने गंभीर से बात की थी।
गुरबाज ने कहा, "टेस्ट मैच के बाद मेरी गौतम गंभीर सर से बहुत अच्छी बातचीत हुई। मैंने उनसे कहा था कि मैं अपने शॉट चयन (shot selection) में सुधार करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे कुछ सकारात्मक सुझाव दिए, जिन पर मैंने नेट सत्र में काम किया। मैं उनका बहुत आभारी हूं कि आज मैं उन सुझावों को मैदान पर लागू कर सका।"
भारतीय गेंदबाजों के सामने नहीं टिक सके अन्य बल्लेबाज
गुरबाज के शतक के बावजूद अफगानिस्तान की टीम 24.5 ओवर में 194 रन पर ही सिमट गई। गुरबाज को छोड़कर अफगानिस्तान का कोई भी अन्य बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। भारत की ओर से पदार्पण कर रहे गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन-तीन विकेट झटके।
पिच पर गुरबाज की राय
पिच को लेकर गुरबाज ने बताया कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी करना अपेक्षाकृत आसान था, लेकिन स्पिनरों के लिए पिच में काफी मदद थी। उन्होंने कहा, "गेंद टर्न हो रही थी। अगर स्पिनर अच्छी गेंदबाजी करें, तो वे मैच का रुख पूरी तरह पलट सकते हैं।"
भारत में और भारतीय टीम के खिलाफ शतक जड़ने को गुरबाज ने अपने करियर का बेहद खास पल बताया और इसे अपनी कड़ी मेहनत व सही तैयारी का परिणाम माना।
इस शानदार पारी के बाद क्रिकेट जगत में गुरबाज की तकनीक और उनकी सीखने की तत्परता की काफी तारीफ हो रही है। क्या आपको लगता है कि गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में आने वाले समय में गुरबाज एक और बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरेंगे?

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