हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं की जिला काँगड़ा में सरकारी खरीद

 हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं की जिला काँगड़ा में सरकारी खरीद

जिला कांगड़ा में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया 22 जून को संपन्न हुई । प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष किसानों को पिछले साल की तुलना में अधिक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस वर्ष प्राकृतिक गेहूं की खरीद पर प्रोत्साहन मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 60 रुपये प्रति किलोग्राम था। इससे किसान उत्साहित हैं। विभाग ने इस बार जिले के ढलियारा, फतेहपुर और नगरोटा बगवां स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में खरीद केंद्र स्थापित किए थे ।

परियोजना निदेशक आत्मा जिला काँगड़ा डॉ शशि पाल अत्री  ने बताया कि पिछले वर्ष जिला कांगड़ा में 358 किसानों से कुल 836.943 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं खरीदा गया था। इस बार जिले के 374 किसानों से कुल 776.50 क्विंटल गेहूं खरीद की गई है । कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह सरल बनाया गया । इस अवसर पर आत्मा परियोजना के परियोजना निदेशक डॉ शशि पाल अत्री  ने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें भविष्य में प्राकृतिक खेती को और अधिक अपनाने तथा इसके क्षेत्रफल में वृद्धि करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।


डॉ शशि पाल अत्री  ने बताया  की खरीद  15 जून से 22 जून,2026 ढलियारा, फतेहपुर और नगरोटा बगवां स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में की गई  । जिसमें फतेहपुर केंद्र में 123 किसानों से 520 क्विंटल, ढलियारा केंद्र में 79 किसानों से 104 क्विंटल  और नगरोटा बगवां केंद्र में 172 किसानों से 152.50  क्विंटल  गेहूं की खरीद की गई।खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों द्वारा लाए गए गेहूं का नमी (Moisture) परीक्षण किया गया तथा उन्हें विधिवत रसीदें प्रदान की गईं। सभी किसानों के बैंक खाते का विवरण भी एकत्रित कर लिया गया है तथा सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य की राशि उन्हें नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से जल्द  ही उनके खातों में हस्तांतरित कर दी  जाएगी। हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती (बिना रासायनिक उर्वरकों के) को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार प्राकृतिक रूप से उगाई गई मक्की पर ₹50 प्रति किलोग्राम , गेहूं पर ₹80 प्रति किलोग्राम, हल्दी पर ₹150 प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दे रही है, जो कि देश में सबसे अधिक है।



टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर