"जनादेश सर्वोपरि, धनबल नहीं"—इन्दौरा बीडीसी चुनाव को लेकर यूथ कांग्रेस प्रधान ने उठाए सवाल
"जनादेश सर्वोपरि, धनबल नहीं"—इन्दौरा बीडीसी चुनाव को लेकर यूथ कांग्रेस प्रधान ने उठाए सवाल
अगर इंदौरा मे भाजपा के पास समर्थन है तो फिर बीडीसी क्यों नहीं बनाती पूर्व विधायक रीता धीमान ब्लॉक यूथ कांग्रेस प्रधान विजेंद्रपठानिया इंदौरा
नूरपुर : विनय महाजन /
प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की घोषणा के समय ही माननीय मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन चुनावों में सरकार की ओर से किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। इसी भावना के अनुरूप इन्दौरा विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की दखलंदाजी नहीं की गई, ताकि जनता का स्वतंत्र, निष्पक्ष और वास्तविक जनादेश सामने आ सके।चुनाव परिणामों के बाद इंदौरा में भारतीय जनता पार्टी के एक गुट के नेताओं द्वारा दावा किया गया कि 26 में से 22 बीडीसी सदस्य उनके समर्थित हैं। यदि उनका यह दावा सही है, तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपने समर्थित 22 सदस्यों को सामने लाकर चुनाव सम्पन्न करवाने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।वर्तमान समय में क्षेत्र में यह चर्चा व्यापक रूप से चल रही है कि बीडीसी चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के चुनावों को प्रभावित करने के लिए बड़े स्तर पर धनबल का प्रयोग किया जा रहा है। यदि इन चर्चाओं में तनिक भी सच्चाई है, तो यह पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के विश्वास पर सीधा आघात है। यह जानकारी एक प्रेस नोट में ब्लॉक यूथ कांग्रेस के प्रधान विजेंद्र पठानिया द्वारा देते हुए बताया गया है कि मुख्यमंत्री इन सभी आरोपों एवं चर्चाओं की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित की जाए। जांच पूरी होने तथा सभी तथ्यों के स्पष्ट होने के बाद ही चुनाव की तिथियां घोषित की जाएं, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहे और जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो।लोकतंत्र की असली ताकत जनादेश है, धनबल नहीं। जनता के मत का सम्मान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए।

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