सिराज लंबाथाच कॉलेज में साइंस फैकल्टी हटाने के विरोध में एसएफआई का विशाल छात्र प्रदर्शन
सिराज लंबाथाच कॉलेज में साइंस फैकल्टी हटाने के विरोध में एसएफआई का विशाल छात्र प्रदर्शन
मंडी : अजय सूर्या /
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेतृत्व में सिराज लंबाथाच कॉलेज में प्रस्तावित साइंस फैकल्टी हटाने के निर्णय के विरोध में सोमवार को विशाल एवं शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों, युवाओं तथा क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने भाग लेकर शिक्षा के अधिकार की रक्षा के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई।
एसएफआई ने आरोप लगाया कि कॉलेज से साइंस फैकल्टी हटाने का निर्णय क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। संगठन का कहना है कि सिराज एक दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्र है, जहां अधिकांश छात्र-छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में साइंस फैकल्टी समाप्त होने पर विद्यार्थियों को दूर-दराज़ के कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे उनकी उच्च शिक्षा प्रभावित होगी और कई छात्र-छात्राओं के सामने पढ़ाई बीच में छोड़ने की नौबत आ सकती है।
प्रदर्शन के दौरान एसएफआई नेताओं ने कहा कि सरकार को शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना चाहिए, न कि उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं को समाप्त करना। उन्होंने कॉलेज में रिक्त प्राध्यापकों के पद शीघ्र भरने, नई शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि साइंस फैकल्टी को हटाने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो एसएफआई विद्यार्थियों और स्थानीय जनता के सहयोग से लोकतांत्रिक एवं व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।
इस अवसर पर एसएफआई ने सिराज लंबाथाच कॉलेज में साइंस फैकल्टी को यथावत बनाए रखने, रिक्त प्राध्यापकों के पदों को तुरंत भरने, जियोग्राफी सहित आवश्यक विषयों को पुनः शुरू करने, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
कार्यक्रम के अंत में एसएफआई ने प्रदर्शन में शामिल सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ भविष्य में भी एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

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