जिला परिषद अध्यक्ष पद सुंदरनगर को मिलना चाहिए, लंबे समय से हो रहा क्षेत्र के साथ भेदभाव : चमन राही
जिला परिषद अध्यक्ष पद सुंदरनगर को मिलना चाहिए, लंबे समय से हो रहा क्षेत्र के साथ भेदभाव : चमन राही
रविदासी समुदाय की अनदेखी और आरक्षित वर्ग को प्रतिनिधित्व न देने पर भाजपा को घेरा
मंडी : अजय सूर्या /
अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा है कि जिला परिषद मंडी के अध्यक्ष पद पर सुंदरनगर क्षेत्र का दावा मजबूत है और यह पद सुंदरनगर को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब यह देखने वाली बात होगी कि सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल अपने क्षेत्र की पैरवी करने में कितने सफल रहते हैं।
चमन राही ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने में राकेश जम्वाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ऐसे में अब जिला परिषद अध्यक्ष पद को लेकर सुंदरनगर की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सुंदरनगर क्षेत्र के साथ राजनीतिक भेदभाव होता रहा है, जिसके कारण क्षेत्र को उसका उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।
उन्होंने सुंदरनगर नगर परिषद के अध्यक्ष पद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी रविदासी समुदाय के साथ अन्याय हुआ। राही ने आरोप लगाया कि रविदासी समाज से संबंधित गम्भरी देवी को अध्यक्ष पद देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि गम्भरी देवी वरिष्ठ होने के बावजूद अध्यक्ष नहीं बनाई गईं, जिससे समाज में निराशा का माहौल पैदा हुआ।
चमन राही ने भाजपा सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार में आरक्षित वर्ग के जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मंडी जिले से अनुसूचित जाति वर्ग के तीन विधायक होने के बावजूद किसी भी विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया। इसके विपरीत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में जिला मंडी से कई दलित नेताओं को बोर्डों, निगमों तथा मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
राही ने कहा कि सुंदरनगर के विकास में कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर के राजपरिवार ने शिक्षा के प्रसार के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि कांग्रेस सरकारों ने क्षेत्र में अनेक स्कूलों और कॉलेजों की स्थापना कर विकास को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष पद को लेकर अब सभी की निगाहें सुंदरनगर पर टिकी हैं और जनता यह देखना चाहती है कि क्षेत्र को उसका उचित अधिकार मिलता है या नहीं।

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