प्रदेश के राज्यपाल गुप्ता ने मुख्य सेवादार संत बाबा लवप्रीत महाराज के प्रयासों की सराहना की
प्रदेश के राज्यपाल गुप्ता ने मुख्य सेवादार संत बाबा लवप्रीत महाराज के प्रयासों की सराहना की
नूरपुर : विनय महाजन /
प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मान्यता के अनुसार गुरु नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी के दौरान इस स्थान पर रहे थे। यहां मिली प्राचीन कृतियां, पुराने नागनी माता मंदिर और पवित्र बरगद के वृक्ष इस बात का प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र लंबे समय से तपस्या और साधना का केंद्र रहा है।गुरु नानक देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि समानता, करुणा, सेवा भाव और सत्य की उनकी शिक्षाएं वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रासंगिक हैं और लोगों को मिल-जुलकर रहने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने मुख्य सेवादार संत बाबा श्री लवप्रीत महाराज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस पवित्र स्थल को सर्व धर्म पीठ के रूप में विकसित करने की उनकी परिकल्पना भारत की प्राचीन समावेशी, सह-अस्तित्व और आध्यात्मिक सद्भाव की परंपरा को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की स्थापना, मंदिर तथा अखंड ज्योति का होना सच्ची आध्यात्मिकता का प्रतीक है, जहां जाति, धर्म, सामाजिक स्थिति, शिक्षा या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता और आस्था के द्वार सभी के लिए खुले रहते हैं।
गुरु अर्जुन देव की शहीदी दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने पांचवें सिख गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान, साहस और सत्य, न्याय तथा मानवता के प्रति अटूट समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन लोगों को विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा, धर्म और मानव कल्याण के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि दरबार साहिब आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक सद्भाव, सामुदायिक सेवा और राष्ट्रीय एकता का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा। ऐसे पवित्र स्थल नैतिक मूल्यों के संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों को मानवता, निस्वार्थ सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के आदर्शों के प्रति प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं l

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें