पुरानी पेंशन योजना को मिले कानूनी संरक्षण तथा कर्मचारियों को गुमराह करना बंद करे सरकार डॉ. संजीव गुलेरिया
पुरानी पेंशन योजना को मिले कानूनी संरक्षण तथा कर्मचारियों को गुमराह करना बंद करे सरकार डॉ. संजीव गुलेरिया
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर प्रदेश के न्यू पेंशन स्कीम 10 वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ' के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने सुक्खू सरकार से मांग की है कि हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को कानूनी संरक्षण दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा में इसके लिए विशेष बिल पास करे, ताकि भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर भी कोई अन्य पार्टी इसे बंद न कर सके।
डॉ. गुलेरिया ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर यूपीएस लागू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनावों में जयराम सरकार की हार का मुख्य कारण बेरोजगारों की अनदेखी, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति न होना और ओपीएस न देना था।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा की यही नीति रही, तो सत्ता में लौटने का उनका सपना 'मुंगेरीलाल का सपना' ही रहेगा।सुक्खू सरकार को भी चेताया और अफसरों पर लगाए आरोप महासंघ के अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहाकि
विभिन्न विभागों के अधिकारी, लिपिक और एजी ऑफिस के कर्मचारी सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन के लिए गुमराह कर रहे हैं।कोर्ट के आदेशों के बावजूद डीडीओ ग्रेच्युटी के केस नहीं भेज रहे हैं और न ही एजी ऑफिस इसे जारी कर रहा हैl10 वर्ष से कम सेवाकाल वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक पेंशन देने के लिए मुख्यमंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन सरकार मौत की दहलीज पर खड़े इन बुजुर्ग कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही हैl डॉ. गुलेरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सुक्खू सरकार ने इन पीड़ित परिवारों की प्रताड़ना बंद नहीं की, तो हिमाचल के कर्मचारी और आम जनता कांग्रेस-भाजपा दोनों को छोड़कर प्रदेश में तीसरे विकल्प को सत्ता सौंपने से पीछे नहीं हटेंगे।

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