दुग्ध उत्पादकों के बकाया भुगतान पर सरकार को घेरा, विधायक इंद्र सिंह गांधी ने दी आंदोलन की चेतावनी
दुग्ध उत्पादकों के बकाया भुगतान पर सरकार को घेरा, विधायक इंद्र सिंह गांधी ने दी आंदोलन की चेतावनी
नेरचौक : अजय सूर्या /
दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान को लेकर किसानों में बढ़ते रोष के बीच बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज वही किसान अपने हक के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि सरकार ने चुनावों के दौरान गाय का दूध 80 रुपये तथा भैंस का दूध 100 रुपये प्रति किलो खरीदने और किसानों का पूरा दूध खरीदने का आश्वासन दिया था। लेकिन वर्तमान में बल्ह, सुंदरनगर, मंडी, पधर, कुल्लू सहित विभिन्न क्षेत्रों के हजारों दुग्ध उत्पादकों को पिछले चार महीनों से उनके दूध का भुगतान नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय पर निर्भर किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की शिक्षा, बेटियों के विवाह, पशुओं के चारे तथा घरेलू खर्चों जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करना किसानों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। सरकार की उदासीनता के कारण किसानों का भरोसा टूट रहा है।
इंद्र सिंह गांधी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान को तुरंत जारी किया जाए और किसानों से किए गए सभी वादों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जो सरकार किसानों की आय बढ़ाने के दावे करती थी, आज वही किसान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हैं।
उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का आग्रह किया और कहा कि केवल विकास कार्यों के दावे करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा करना भी उनकी जिम्मेदारी है।
विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर दुग्ध उत्पादकों का बकाया भुगतान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम जैसे आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों, बागवानों और आम जनता से किए गए कई वादों को पूरा करने में विफल रही है। इसका जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर देगी।

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