संघर्ष से सफलता तक का सफर: शाला पंचायत के जीवानंद बने सहकारी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक
संघर्ष से सफलता तक का सफर: शाला पंचायत के जीवानंद बने सहकारी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक
गरीबी और कठिन परिस्थितियों को मात देकर हासिल की बड़ी उपलब्धि, क्षेत्र में खुशी की लहर
नेरचौक : अजय सूर्या /
उपमंडल गोहर की ग्राम पंचायत शाला के अंतर्गत आने वाले खाननु गांव के 43 वर्षीय जीवानंद ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक (सीनियर मैनेजर) पद पर पदोन्नति प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा क्षेत्रवासियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
जीवानंद का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्मे जीवानंद ने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय विद्यालय शाला, चच्योट तथा चैल चौक से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बासा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। आर्थिक तंगी के कारण कई बार उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई और परिस्थितियां ऐसी भी बनीं कि उन्हें शिक्षा बीच में छोड़ने का विचार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहे।
उनकी मेहनत का सफर वर्ष 2006 में शुरू हुआ, जब उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ लिपिक के रूप में सेवाएं शुरू कीं। अपनी कार्यकुशलता और समर्पण के बल पर वर्ष 2012 में सहायक प्रबंधक, वर्ष 2022 में प्रबंधक तथा वर्ष 2026 में वरिष्ठ प्रबंधक पद तक पहुंचे। उनकी धर्मपत्नी नितिका भारद्वाज भी इसी बैंक में सहायक प्रबंधक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
जीवानंद की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं। उनकी पदोन्नति इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और नई जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन की कामना करते हुए कहा कि जीवानंद ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
"संघर्षों को अवसर में बदलने वाले जीवानंद आज मेहनत, समर्पण और सफलता की जीवंत मिसाल बन गए हैं।"

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