कोटली कॉलेज बंद नहीं, सशक्त बने: प्रो. अनुपमा सिंह
कोटली कॉलेज बंद नहीं, सशक्त बने: प्रो. अनुपमा सिंह
रिवालसर : अजय सूर्या /
प्रो. अनुपमा सिंह ने प्रदेश सरकार से कोटली महाविद्यालय को बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय 66 गांवों के हजारों युवाओं, विशेषकर बेटियों के उच्च शिक्षा के सपनों का केंद्र है। उन्होंने कहा कि कॉलेज को बंद करने के बजाय इसे आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी संस्थान के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2016 में क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए महाविद्यालय की स्थापना की गई थी, तो अब उसकी आवश्यकता समाप्त कैसे हो गई। छात्र संख्या में कमी के कारणों की समीक्षा करते हुए पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल मार्केटिंग, कृषि, हेल्थ केयर और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की जरूरत है।
प्रो. सिंह ने महाविद्यालय के अधूरे भवन के निर्माण के लिए शेष लगभग दो करोड़ रुपये की राशि जारी कर जल्द कार्य पूरा कराने और कॉलेज को उसके स्थायी परिसर में स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने स्ववित्तपोषित एवं सायंकालीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने का भी सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की बात करती है। ऐसे में कॉलेजों को बंद करने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "शिक्षा के दीप बुझाकर विकास की मशाल नहीं जलाई जा सकती। कोटली कॉलेज हजारों युवाओं के सपनों का उजाला है।"

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