जल प्रबंधन तकनीकों पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न, 37 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
जल प्रबंधन तकनीकों पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न, 37 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, सोलन के सहयोग से 'जल प्रबंधन की तकनीकें' विषय पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में खंड परियोजना प्रबंधन इकाई सोलन एवं नाहन की उप-परियोजनाओं से जुड़े 37 किसानों ने भाग लेकर जल संरक्षण एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कृषक प्रशिक्षण केंद्र के उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश कुमार जंजीहा ने किया। उन्होंने किसान प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण एवं उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक और दक्षतापूर्ण उपयोग कृषि की स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने जल स्रोतों के संरक्षण, कृषि में जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, वर्षा जल संचयन, जल उपयोग दक्षता तथा विभिन्न फसलों की जल आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। किसानों को बताया गया कि आधुनिक सिंचाई तकनीकों के प्रयोग से पानी की बचत के साथ उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। किसानों को राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, समर्थन मूल्य व्यवस्था तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त कृषि निदेशक डॉ. राहुल कटोच, कृषि उप-निदेशक डॉ. रामचंद्र, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता आर.के. कौंडल, अधिशाषी अभियंता ललिता कुमारी, सेवानिवृत्त कृषि उप-निदेशक डॉ. रवि शर्मा, सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता ओम प्रकाश भारद्वाज, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. नरेश कुमार तथा डॉ. अमर सिंह ने विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देकर किसानों को प्रशिक्षित किया।

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