सोनम वांगचुक और छात्रों के समर्थन में मंडी के सेरी मंच पर सीटू सहित विभिन्न संगठनों का धरना
सोनम वांगचुक और छात्रों के समर्थन में मंडी के सेरी मंच पर सीटू सहित विभिन्न संगठनों का धरना
NEET पेपर लीक, NTA भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
मंडी अजय सूर्या
पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों की भूख हड़ताल के समर्थन में सोमवार को मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच पर सीटू सहित विभिन्न जन संगठनों ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव राजेश शर्मा ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट में धकेली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है, इसलिए इसे भंग कर एक नई, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार और बलपूर्वक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है, न कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाना।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
NEET पेपर लीक की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को भंग कर नई, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
धरना-प्रदर्शन में वीना वैद्य, रमेश गुलेरिया, गोपेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, दीपक सहित सीटू और विभिन्न संगठनों के कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें