जनजातीय जिला लाहौल घाटी में भेड़पालकों ने आना शुरू कर दिया है

 


लाहौल । जनजातीय जिला लाहौल घाटी में भेड़पालकों ने आना शुरू कर दिया है। मैदानी इलाकों में ज्यादा गर्मी होने के कारण भेड़पालक अब नीचले इलाकों की ओर रूख कर दिया है। भेड़पालक अमूमन हर साल जून में पहाड़ी इलाकों में रुख़ करते हैं। लेकिन इस साल बरसात के कारण भेड़पालक देरी से पहुंचे । भेड़पालक करीब 4 से 5 महीने अपने घर परिवार से दूर बैठते हैं । बरसात और बर्फबारी होने से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। की दिनों तक भूखे भी बैठना पड़ता है ज्यादा बरसात होने के कारण,,,

भेड़पालकों का  हर साल की भेड़, बकरी ग्लेशियर से या चट्टान खिसकने से मर भी जाते हैं । अब भेड़पालकों ने सरकार से विनती की है कि रोहतांग दर्रा होकर हमारे की भेड़ बकरी मर जाते हैं। अब हमें अटल टनल  से अपनी भेड़ों को ले जाने की मांग की है।

केलांग से रंजीत लाहौली रिपोर्टिंग 

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