जसूर विकास की पहचान को अब मिले नगर पंचायत का दर्जा
जसूर विकास की पहचान को अब मिले नगर पंचायत का दर्जा
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर प्रदेश मे किसी भी क्षेत्र का विकास केवल आबादी बढ़ने या भवनों के निर्माण से नहीं मापा जाता, बल्कि वहां की आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक संभावनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं और प्रशासनिक जरूरतों से उसकी वास्तविक पहचान बनती है। यह किस्सा हिमाचल प्रदेश के सीमांत क्षेत्र में स्थित जसूर आज उसी मुकाम पर खड़ा है, जहां उसे केवल विकास नहीं, बल्कि विकास के अनुरूप प्रशासनिक पहचान की आवश्यकता है। व्यापारिक नजरिये से जसूर को नगर पंचायत का दर्जा देकर उसकी वास्तविक क्षमता को सरकार नई दिशा देने का प्रयास करेंl पंजाब सीमा सटा हुआ हिमाचल प्रदेश का यह व्यापारिक क्षेत्र सबसे पहले जसूर का स्वागत करता है lयही कस्बा प्रदेश का प्रवेश द्वार भी है और कांगड़ा तथा चंबा जिलों की आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी। वर्षों पहले एक साधारण व्यापारिक कस्बे के रूप में पहचान रखने वाला जसूर आज सीमांत हिमाचल का प्रमुख होलसेल मार्केट, मेडिकल हब और ट्रांसपोर्ट सेंटर बन चुका है। यहां से अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों के स्टॉकिस्ट पूरे क्षेत्र में सामान की आपूर्ति करते हैं।जसूर की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि देश की लगभग सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने यहां अपने शोरूम स्थापित कर लिए हैं। यह किसी भी कस्बे की बढ़ती क्रय शक्ति, व्यापारिक संभावनाओं और आर्थिक महत्व का स्पष्ट संकेत है। यही नहीं, प्रस्तावित नगर पंचायत क्षेत्र में उच्च स्तरीय होटल और आधुनिक मैरिज पैलेस भी पहले से संचालित हैं, जो न केवल स्थानीय लोगों बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यह दर्शाता है कि जसूर अब केवल व्यापार का नहीं, बल्कि सामाजिक और आतिथ्य सेवाओं का भी विकसित केंद्र बन चुका है। फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा सड़क का काम लगाए जाने के बाद जसूर का यह बाजार अब कुछ सहमा सहमा नजर आ रहा है l सार्वजनिक सुविधाओं की दृष्टि से भी जसूर किसी छोटे शहर से कम नहीं हैl पूरा ढांचा इस बात का प्रमाण है कि जसूर अब ग्रामीण नहीं, बल्कि शहरी स्वरूप धारण कर चुका है। सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के वाबजूद
ऐसे में यह स्वाभाविक है कि जसूर को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए। साथ ही जाछ पंचायत के वे क्षेत्र, जो सड़क के साथ विकसित होकर व्यवहारिक रूप से जसूर का हिस्सा बन चुके हैंl बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। नगर पंचायत बनने के बाद राज्य और केंद्र सरकार की अनेक शहरी विकास योजनाओं का लाभ मिलता है।नगर पंचायत बनाने के लिए जसूर क्षेत्रवासियों को भी इस मामले में जागरूक होना पड़ेगाl कारोबार के क्षेत्र में अधिकतम पठानकोठ के व्यापारी यहां पर अपना काम करने के लिए रोजाना आते हैं और शाम को वापस पठानकोठ चले जाते हैं लेकिन फोरलेन निर्माण कंपनी के द्वारा कार्य लगने के बाद जसूर के कारोबार पर भी काफी मंदा पड़ गया है इसमें अधिक व्यापारी पलायन करने के मूड में है और कुछ कर चुके हैंl काफी काम जसूर तलवाड़ा रोड पर स्थित क्षेत्र में चला गया है जिसका कारण पार्किंग सुविधा का आभाव बताया गया है l

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