जयसिंहपुर के ऐतिहासिक मैदान को उजड़ने नहीं देंगें- राजेश राणु
जयसिंहपुर के ऐतिहासिक मैदान को उजड़ने नहीं देंगें - राजेश राणु।
उक्त शब्द विधानसभा जयसिंहपुर से संबंध रखने वाले भाजपा जिला महामंत्री राजेश राणु ने जयसिंहपुर प्रवास के दौरान अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहे।
उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर क्षेत्र प्राचीन त्रिगर्त राज्य का हिस्सा था, जिस पर कटोच वंश का शासन रहा, यह क्षेत्र कांगड़ा रियासत के प्रभाव में विकसित हुआ और इस स्थान और 122 करनाल में फहले इस मैदान की नींव तत्काल कटोच वंश द्वारा रखी गई थी जिसमें राजा अपनी सेना और प्रजा के साथ दरबारी फैसले लेते थे इसलिए इस ऐतिहासिक चौगान मैदान से जाना जाता है।
राणु ने कहा कि जयसिंहपुर का मैदान लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए मेलों, खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक सभाओं का प्रमुख स्थल रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद यह मैदान सरकारी और सामाजिक कार्यक्रमों का भी प्रमुख केंद्र बना। यहाँ समय-समय पर राजनीतिक रैलियाँ, राष्ट्रीय पर्वों के समारोह और स्थानीय उत्सव आयोजित होते रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि यह मैदान सरकारी और निजी एंक्रोचमेंट की वजह से खत्म होता जा रहा है।
राजेश राणु ने कहा कि आज जिस तरह इस मैदान में इनडोर स्टेडियम के लिए प्रशासन लगभग 12 कनाल मैदान की भूमि में चूना लगाकर इसकी पैमाइश कर रहा था मैं प्रशासन और यहां के स्थानीय मंत्री से आग्रह करना चाहता हूं कि इस मैदान की बजाय जयसिंहपुर में खाली पड़ी हुई अन्य सरकारी भूमि पर इनडोर स्टेडियम और प्रस्तावित न्यायालय के परिसर को बनाया जाए और इसके साथ यह चेतावनी भी देना चाहता हूं कि अगर प्रशासन और मंत्री नहीं माने तो जयसिंहपुर में एक बहुत बड़े आंदोलन का सामना इनको करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार और खास करके यहां के विधायक जो की मंत्री भी हैं उन्हें इस मैदान की शुद्ध लेनी चाहिए और इसका सौंदर्य करण कैसे हो इसके बारे में चिंता करनी चाहिए, बजाय इसके की यही मंत्री इस मैदान को उजाड़ने का आदेश दें।
उन्होंने कहा कि अब समय आ चुका है कि सभी जयसिंहपुर के लोग इस ऐतिहासिक मैदान को बचाने के लिए इकट्ठे हो जाएं और अगर सरकार नहीं माने तो आंदोलन करने के लिए भी तैयार रहें।
जिला महामंत्री ने कहा कि जैसे ही आने वाले समय में जब भाजपा की सरकार बनेगी इस मैदान को किस तरह भव्य बनाया जा सके, दिन और बड़ी लाइटें लगाकर कैसे रात को खेलों की व्यवस्था और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन अच्छे से हो सके इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

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