कुम्मी में नालियों की गाद पर बवाल! घरों के सामने फेंकी गंदगी से भड़के ग्रामीण, दुर्गंध से जीना हुआ मुश्किल
कुम्मी में नालियों की गाद पर बवाल! घरों के सामने फेंकी गंदगी से भड़के ग्रामीण, दुर्गंध से जीना हुआ मुश्किल
गाद डंपिंग को लेकर उठे सवाल, जिला परिषद सदस्य बोले– किसी को नुकसान न हो, यही दिए थे निर्देश; उपप्रधान ने समाधान का दिया भरोसा
अजय सूर्या नेरचौक (मंडी)
बल्ह विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुम्मी में नालियों की सफाई के बाद निकाली गई गाद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। घरों के सामने गाद फेंके जाने से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि गाद से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण घरों में रहना और सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। लोगों ने इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या बताते हुए प्रशासन और पंचायत से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में नालियों की सफाई के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई थी। सफाई के दौरान निकली गाद को निर्धारित डंपिंग स्थल पर ले जाने के निर्देश थे, लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से इस गाद को आसपास के घरों के सामने और निजी भूमि में ही डाल दिया। इससे पूरे इलाके में बदबू फैल गई है और लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस मामले पर जिला परिषद सदस्य अनील सैनी ने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग से जेसीबी उपलब्ध करवाकर नालियों की सफाई करवाई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके निर्देश थे कि निकाली गई गाद ऐसी जगह डंप की जाए, जिससे किसी भी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाद में स्थानीय स्तर पर किस स्थान पर गाद डाली गई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। संभव है कि कुछ लोगों ने अपनी जमीन समतल करने के उद्देश्य से गाद अपने खेतों में डलवा दी हो, लेकिन इस संबंध में वे कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
वहीं ग्राम पंचायत कुम्मी के उपप्रधान राजकुमार ने कहा कि लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही इसका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घरों के सामने डाली गई गाद को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गंदगी नहीं हटाई गई तो बरसात के मौसम में संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

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