क्या ऐसे बनेगा विकसित भारत? 70 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग में पढ़ने को मजबूर मासूम

 क्या ऐसे बनेगा विकसित भारत? 70 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग में पढ़ने को मजबूर मासूम


 नूरपुर : विनय महाजन /

 नूरपुर क्या यही है विकसित भारत की तस्वीर है?

क्या यही है प्रदेश सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा?

और क्या ऐसे पूरे होंगे समाज शिक्षित होने के सपने? ऐसे अनेकों प्रश्न नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत खैरिया में लोगों की जुबान पर चर्चित हैं कि नूरपुर में विकास का दावा करने वाले हैं ऐसे नेताओं की जो नूरपुर में विकास के दावे कर रहे हैं है l यह किस्सा है शिक्षा खंड नूरपुर के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला खैरियां की, जहां 1954-55 के आसपास बना स्कूल भवन आज खंडहर में बदल चुका हैl स्थानीय नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि, एसएमसी कमेटी और ग्रामीण खुद आज स्कूल पहुंचकर भवन की जर्जर स्थिति पर चिंता जताने को मजबूर हो गए। क्षेत्र वासियों का यह भी कहना है कि यह भवन कभी भी भारी वरसात मे गिर सकता हैलेकिन जिम्मेदार विभाग और सरकार तथा तत्कालीन पंचायत प्रतिनिधि इस मामले में कार्यवाही क्यों नहीं कर सके l अव सिर्फ कागजी कार्रवाई में व्यस्त दिखाई देते हैं।

सबसे बड़ा सवाल क्षेत्रवासियों में यह है कि 

अगर भवन ही सुरक्षित नहीं है तो बच्चों को पढ़ाया कहां जाए? एक ही कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चे, कार्यालय, फर्नीचर और मिड-डे मील का पूरा इंतजाम। बाकी समय कभी पेड़ के नीचे, कभी खुले आसमान में और कभी बारिश व तेज धूप के बीच पढ़ाई।क्या यही है नई शिक्षा नीति?क्या यही है बच्चों का उज्ज्वल भविष्य?

 इस मामले में एसएमसी कमेटी और नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि जल्द नया भवन या उचित व्यवस्था नहीं की गई तो पूरे पंचायत क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी। इस मामले मे स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य अजय गुप्ता का कहना है कि भवन की स्थिति बेहद गंभीर है। बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। विभाग और सरकार को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं।

अब सरकार की कारगुजारी पर प्रश्न उठता है कि 

जब विभाग खुद इस भवन को अनफिट मान चुका है, तो फिर मासूम बच्चों की जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है? भविष्य में क्या व्यवस्था परिवर्तन सरकार के मुखिया और उनका सरकारी तंत्र इस मामले में कोई गौर करेगा? क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में सरकारी तंत्र को स्पष्ट निर्देश दें l   इस मामले मे नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक भाजपा के रणवीर सिंह ने कहा है उनका कहना है कि सरकार कांग्रेस की है लेकिन सरकार के कार्य प्रणाली भेदभाव से युक्त इससे अच्छा उदाहरण और कौन सा मिल सकता है एक स्कूल नहीं कही स्कूलों की हालत खराब हैl यह आज की बात नहीं है काफी समय से नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों के भवनो की हालत काफी खस्ता हैl

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