सीटू की जिला कमेटी की बैठक संपन्न, मजदूर-किसान आंदोलनों की रूपरेखा तय
सीटू की जिला कमेटी की बैठक संपन्न, मजदूर-किसान आंदोलनों की रूपरेखा तय
मंडी : अजय सूर्या /
सीटू जिला कमेटी की बैठक ताराचंद भवन में जिला उपाध्यक्ष गुरदास वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में रेहड़ी-फड़ी, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, 102-108 एंबुलेंस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा सफाई मजदूर यूनियनों से जुड़े जिला कमेटी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार पर स्कीम वर्करों तथा मनरेगा मजदूरों के शोषण का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों की जगह चार श्रम संहिताएं लागू किए जाने से मजदूरों के अधिकार प्रभावित होंगे और उनका शोषण बढ़ेगा। साथ ही मनरेगा की जगह लाई गई नई योजना को ग्रामीण मजदूरों के हितों के विपरीत बताते हुए रोजगार के अवसर घटने पर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में आगामी आंदोलनों की रणनीति भी तय की गई। निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को शिमला में आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान-मजदूर अधिवेशन में मंडी जिला से बड़ी संख्या में मजदूर और किसान भाग लेंगे। वहीं 29 जुलाई को दिल्ली में होने वाले मजदूर-किसान अधिवेशन में भी मंडी से सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अलावा 10 अगस्त को मंडी, सरकाघाट, जोगिंदरनगर और बाली चौकी में जेल भरो आंदोलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के विरोध में सैकड़ों लोग गिरफ्तारी देंगे।
बैठक में सीटू जिला महासचिव राजेश शर्मा सहित गोपेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, सुरेश सरवाल, बिमल शर्मा, सुदर्शन, नरेश कुमार, अंजुला, गोदावरी, ललिता, दया देवी, सुमित कुमार, तिरुमल और धनंजय समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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