बरसात से पहले सड़कों की बदहाली पर समाजसेवी कमलेश शर्मा की सरकार से अपील

 बरसात से पहले सड़कों की बदहाली पर समाजसेवी कमलेश शर्मा की सरकार से अपील

"नालियां और पुलियां नहीं सुधरीं तो मानसून में बढ़ेंगी मुश्किलें, अभी से सड़कें जवाब देने लगीं"


रिवालसर : अजय सूर्या /

मानसून से पहले क्षेत्र की बदहाल सड़कों और जल निकासी व्यवस्था को लेकर समाजसेवी कमलेश शर्मा ने सरकार और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार मानसून की तैयारियों के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। पिछले चार-पांच दिनों के दौरान क्षेत्र का निरीक्षण करने पर अधिकांश सड़कों की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली है और कई मार्गों पर वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है।

कमलेश शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या सड़कों पर जल निकासी की उचित व्यवस्था का अभाव है। अधिकांश स्थानों पर नालियों का निर्माण नहीं हुआ है और जहां पुलियां बनी हैं, उनकी समय पर सफाई व मरम्मत नहीं की गई। परिणामस्वरूप लिंक रोड का पानी सीधे मुख्य सड़कों पर बह रहा है, जिससे सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी केवल हल्की बारिश हुई है, फिर भी कई सड़कें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भारी बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर केवल मिट्टी डालकर औपचारिकता निभाई जा रही है। इससे गड्ढे कुछ समय के लिए तो भर जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पहले से अधिक बड़े हो जाते हैं और सड़कें फिर खस्ताहाल हो जाती हैं।

रिवालसर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व बैंक परियोजना के तहत निजी कंपनी द्वारा निर्मित कलखर-रिवालसर-मंडी मुख्य मार्ग अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है, जबकि रिवालसर-दुर्गापुर, रिवालसर-कलखर, कलखर-नेरचौक सहित अधिकांश संपर्क मार्गों की हालत बेहद खराब है। इन मार्गों पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।

समाजसेवी कमलेश शर्मा ने सरकार और संबंधित विभागों से जनहित को प्राथमिकता देते हुए सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, नालियों और पुलियों की सफाई तथा प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विभागों के पास संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत केवल गंभीरता और समय पर कार्रवाई की है। यदि अभी आवश्यक कदम उठाए गए तो बरसात के दौरान होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा मिल सकेगी।

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