टनल निर्माण से क्षतिग्रस्त मकानों का मामला गरमाया, चमन राही ने किया प्रभावित परिवार का दौरा
टनल निर्माण से क्षतिग्रस्त मकानों का मामला गरमाया, चमन राही ने किया प्रभावित परिवार का दौरा
अजय सूर्या मंडी, 15 जुलाई। पंडोह के समीप ग्राम पंचायत हटौन के गांव डबेड में फोरलेन परियोजना के तहत एनएचएआई द्वारा निर्मित फेस-1 टनल निर्माण से कथित रूप से क्षतिग्रस्त हुए अनुसूचित जाति परिवार के मकानों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को अखिल भारतीय दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर परिवार से मुलाकात की और क्षतिग्रस्त मकानों व कृषि भूमि का निरीक्षण किया।
प्रभावित परिवार के सदस्य मेघ सिंह ने बताया कि टनल निर्माण के बाद उनके दो से तीन मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और मकान गिरने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कृषि भूमि को भी नुकसान हुआ है। मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच कर अपनी रिपोर्ट में नुकसान का कारण टनल निर्माण माना और रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेज दी।
मेघ सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर से भी मुलाकात की थी। उनके हस्तक्षेप के बावजूद अब तक एनएचएआई की ओर से न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही प्रभावित परिवार को मुआवजा मिला है।
निरीक्षण के बाद चमन राही ने कहा कि जब जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में टनल निर्माण से नुकसान की पुष्टि हो चुकी है, तब प्रभावित परिवार को मुआवजा देने में हो रही देरी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बावजूद यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है तो यह गंभीर मामला है।
चमन राही ने प्रशासन और एनएचएआई को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र उचित मुआवजा और न्याय उपलब्ध नहीं कराया गया तो अखिल भारतीय दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद इस मामले को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत न्यायालय में ले जाएगी और प्रभावित परिवार के न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
बाइट: मेघ सिंह (प्रभावित परिवार)
बाइट: चमन राही, महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता, अखिल भारतीय दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद।

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