सोनम वांगचुक की हिरासत के बीच अभिजीत दीपके की भूमिका पर सवाल; क्या था पूरा घटनाक्रम?
सोनम वांगचुक की हिरासत के बीच अभिजीत दीपके की भूमिका पर सवाल; क्या था पूरा घटनाक्रम?
नई दिल्ली: शनिवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनशन कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। सुबह लगभग 7:30 बजे सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया। इस कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों और सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेताओं की भूमिका को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिजीत दीपके कहाँ थे?
जिस समय पुलिस वांगचुक को हिरासत में ले रही थी, उस समय अभिजीत दीपके की लोकेशन को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए हैं।
सीजेपी का शुरुआती दावा: पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सुबह 7:33 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पुलिस ने अभिजीत दीपके को उस इमारत में रोक रखा है जहाँ वे ठहरे हुए थे।
सफाई में बदलाव: पहले 'ठहरे होने' की बात कहने के बाद, बाद में सीजेपी की ओर से यह स्पष्टीकरण दिया गया कि दीपके उस समय सिर्फ 'नहाने गए थे'। साझा किए गए वीडियो में पुलिसकर्मी एक इमारत के गेट पर खड़े दिख रहे हैं, लेकिन दीपके की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
क्या हिरासत का दावा झूठा था?
सौरव दास के पोस्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि वे स्वयं घटना के समय प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं थे और उन्हें वांगचुक के उठाए जाने की सूचना दूसरों के माध्यम से मिली थी।
इसी बीच, अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें पीटा और हिरासत में लिया है। हालांकि, कुछ ही देर बाद दीपके को जंतर-मंतर पर देखा गया, जहाँ उन्होंने सोनम वांगचुक की जगह खुद अनशन शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या दीपके को वास्तव में हिरासत में लिया गया था और पुलिस ने उन्हें तुरंत छोड़ दिया?
या फिर दीपके द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा महज एक राजनीतिक स्टंट था?
फिलहाल, सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है, और पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
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