राजौरी और पुंछ में फ्लैश फ्लड से 11 की मौत, 250 से ज्यादा गाड़ियां बहीं, अलर्ट जारी
राजौरी और पुंछ में फ्लैश फ्लड से 11 की मौत, 250 से ज्यादा गाड़ियां बहीं, अलर्ट जारी
श्रीनगर/राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश और बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन, भारतीय सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पुंछ और राजौरी में भारी तबाही, 1992 जैसी आपदा
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में फ्लैश फ्लड और खराब मौसम के कारण 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि राजौरी में बाढ़ की चपेट में आने से एक महिला की जान चली गई है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में एक महिला अभी भी लापता बताई जा रही है, जिसकी तलाश जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बादल फटने के बाद यह सैलाब आया है और साल 1992 के बाद उन्होंने ऐसी भयानक आपदा देखी है।
बस स्टैंड का नामो-निशान मिटा, मलबे में तब्दील हुईं सैकड़ों कारें
राजौरी जिले में बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि तड़के करीब तीन बजे बेला बस स्टैंड का निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया। देखते ही देखते बस स्टैंड का नामो-निशान मिट गया। वहां खड़ी करीब 200 से 250 कारें और अन्य गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं, जिनके क्षतिग्रस्त होने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
बाढ़ के कारण दो मकान पूरी तरह ढह गए हैं और पानी शहर के कई रिहायशी इलाकों व बाजारों में घुस गया है। घरों में पानी भरने से लोगों का घरेलू सामान बर्बाद हो गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है और दुकानदारों को अपनी दुकानों से पानी निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने और तुरंत आर्थिक मदद देने की गुहार लगाई है।
23 जुलाई तक हाई अलर्ट पर कई जिले, प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जम्मू मंडल के जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जहां मूसलाधार बारिश होने की आशंका सबसे अधिक है। इन क्षेत्रों की प्रमुख नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
#WATCH | J&K | A local resident says, "Everything is lost; everything is gone. Everything we had has been washed away... One woman is missing..." https://t.co/qTvIkd7xBc pic.twitter.com/Mi6ygPRknD
— ANI (@ANI) July 19, 2026
प्रशासन की चेतावनी:
जिला प्रशासन और राहत टीमों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। शासन ने अपील की है कि लोग अगले कुछ दिनों तक बेवजह यात्रा करने से बचें और नदी-नालों या अन्य संवेदनशील व बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

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