मीडियम और बोर्ड स्लेबस नहीं बल्कि शिक्षकों के खाली पदों को नियमित रूप से भरने से हो सकता है शिक्षा स्तर में सुधार: राणा

 मीडियम और बोर्ड स्लेबस नहीं बल्कि शिक्षकों के खाली पदों को नियमित रूप से भरने से हो सकता है शिक्षा स्तर में सुधार: राणा


नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /

 पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने हिमाचल सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में सीबीएससी स्लेबस लागू करने और छठी कक्षा से मीडियम अंग्रेज़ी शुरू करने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्लेबस और मीडियम से शिक्षा में सुधार तभी संभव है जब स्कूलों में विषयवार नियमित रूप अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ना कि सालों साल अध्यापकों के पदों को खाली रखकर डाइंग कैडर की आड़ में स्वीकृत पदों को समाप्त करने का सिलसिला जारी रखा जाए। राणा ने कहा कि वर्तमान में सरकारी स्कूलों में एनसीआरटी स्लेबस पड़कर निकले अनेकों उच्च दर्ज के अधिकारी बन रहे हैं लेकिन हिमाचल में शिक्षा को लेकर विडम्बना यह है कि सरकार स्कूलों में स्वीकृत पदों को खली रखकर शिक्षा स्तर को ऊंचाईयों पर ले जाना चा रही है जोकि सरकार केलिए मुंगेरी लाल के हसीन सपनों जैसा तो लग ही रहा है इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के साथ भी भारी खिलबाड़ होते दिखाई दे रहा है।

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