अख़बारों के पन्नों से ओझल ईशिता की प्रतिभा
अख़बारों के पन्नों से ओझल ईशिता की प्रतिभा
नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /
प्रतिभा किसी एक की बपौती नहीं होती। यह वह ज्ञान-धारा है, जो सही दिशा,अनुकूल वातावरण और सतत परिश्रम का संगम पाकर उत्तरोत्तर प्रवाहित होने लगती है। परिवर्तन लाती है, प्रभावित करती है। बाल मन उत्थान के लिए प्रशंसा और शाबाशी की अपेक्षा रखता है, उसे जब जब उसकी छोटी-छोटी उपलब्धियों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलता है, तो वही बालक या बालिका आगे चलकर अपनी प्रतिभा से नवाचार के नए झंडे गाड़ देता है और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में समाज व राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति बन जाता है। ऐसी ही एक प्रेरक प्रतिभा हैं ईशिता धीमान। एक शिक्षक पिता और गृहिणी माता की बेटी जिन्होंने अपनी मेधा और परिश्रम से यह सिद्ध किया है कि लगन हो तो सीमाएं स्वयं रास्ता छोड़ देती हैं , अड़चने खुद व खुद मार्ग सुगम बना देती हैं। बाल्यकाल से ही ईशिता पढ़ाई में सदैव अग्रणी रही है। जवाली क्षेत्र के चलवाड़ा स्थित तृप्ता पब्लिक स्कूल इसकी सशक्त गवाही देता है, जहां उन्होंने आठवीं और दसवीं कक्षाओं में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन किया था। इसी विद्यालय में आयोजित नेशनल साइंस ओलंपियाड लेवल एक में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आगे चलकर नगरोटा बगवां में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ओलंपियाड लेवल दो प्रतियोगिता में भी उन्होंने सफलता का परचम लहराया था। उसकी अकादमिक उपलब्धियों का शिखर वर्ष 2024 में देखने को मिला, जब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जमा दो की परीक्षा में ईशिता धीमान ने पूरे प्रदेश में सभी संकायों के बीच मेरिट सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया। उसकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उन्हें 27 दिसंबर 2025 को जवाली स्थित सरकारी जमा दो स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में प्रदेश के माननीय कृषि मंत्री चंद्र कुमार द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल ईशिता के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बना। वर्तमान में ईशिता धीमान राजकीय महाविद्यालय, देहरी, कांगड़ा में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर योजना के तहत उन्हें जमा दो में श्रेष्ठ रैंक प्राप्त करने के कारण ₹80,000 प्रतिवर्ष की छात्रवृत्ति प्राप्त हो रही है। हालांकि, यह भी एक विडंबना है कि प्रदेश बोर्ड द्वारा मेरिट सूची में शीर्ष दस में स्थान पाने पर दी जाने वाली छात्रवृत्ति अब तक उन्हें जारी नहीं हो पाई है। ईशिता की इस सफलता पर पूरा धीमान समाज गर्व से अभिभूत है। उनके पूर्व और वर्तमान शिक्षण संस्थानों का स्टाफ, शुभचिंतक और समाज के प्रबुद्धजन उनकी उपलब्धियों पर हर्षित हैं। सभी ने ईशिता को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया है कि वह आगे भी शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छुएंगी।
निस्संदेह, ईशिता धीमान जैसी प्रतिभाएं यह याद दिलाती हैं कि अख़बारों के पन्नों से भले ही कुछ कहानियां ओझल रह जाएं, पर उनकी चमक समाज की चेतना को लगातार आलोकित करती रहती है। इशिता धीमान भी उन में एक है।
डॉ एच एल धीमान
कथोली ,नगरोटा सूरियां


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