आइए जानें कब पौष पूर्णिमा श्री सत्यनारायण का व्रत 2 या 3 जनवरी को
आइए जानें कब पौष पूर्णिमा श्री सत्यनारायण का व्रत 2 या 3 जनवरी को
विषय: शास्त्रानुसार श्रीसत्यनारायण व्रत की सही तिथि एवं समय।
शास्त्रों के नियमानुसार, श्रीसत्यनारायण व्रत उसी दिन किया जाता है जब पूर्णिमा तिथि प्रदोषव्यापिनी (सूर्यास्त के समय मौजूद) और चन्द्रोदय-व्यापिनी होती है। इस वर्ष पौष मास की पूर्णिमा को लेकर तिथियों का गणित कुछ इस प्रकार है:
2 जनवरी को व्रत रखने का शास्त्रीय कारण:
पूर्णिमा का प्रारंभ: 2 जनवरी, 2026 को शाम 06:54 बजे (18:54) से पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है।
प्रदोष काल: पंजाब, हिमाचल और जम्मू सहित उत्तर-पश्चिम भारत में इस दिन प्रदोष काल लगभग शाम 05:33 से रात 08:21 तक रहेगा।
चूंकि 2 जनवरी की रात को पूर्णिमा तिथि विद्यमान है, इसलिए चन्द्रोदय और प्रदोष काल के संयोग के कारण इसी दिन व्रत रखना शास्त्रसम्मत है।
3 जनवरी को व्रत क्यों नहीं?
अगले दिन, यानी 3 जनवरी को पूर्णिमा तिथि दोपहर 03:33 बजे (15:33) पर ही समाप्त हो रही है।
सूर्यास्त के समय पूर्णिमा तिथि न होने के कारण, इस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा का अभाव रहेगा।
निष्कर्ष: अतः सभी श्रद्धालु जन ध्यान दें कि इस मास का श्रीसत्यनारायण व्रत 2 जनवरी, 2026 (शुक्रवार) को ही मनाया जाएगा। इसी दिन भगवान सत्यनारायण की कथा श्रवण और चंद्र पूजन करना शुभ फलदायी होगा।
(पंडित दीपक शास्त्री)


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