86वीं बार रक्तदान करके पतंजलि योगपीठ में नाम कमाया जिसके लिए इन्हें योग ऋषि स्वामी रामदेव के शिष्य हिमाचल वासी रजनेश कुमार
86वीं बार रक्तदान करके पतंजलि योगपीठ में नाम कमाया जिसके लिए इन्हें योग ऋषि स्वामी रामदेव के शिष्य हिमाचल वासी रजनेश कुमार
(नूरपुर:-विनय महाजन)
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के चड़ी गांव के समाजसेवी रजनेश कुमार शर्मा ने रक्तदान के क्षेत्र में व समाज में एक प्रेरणा स्रोत की एक मिसाल वनाई हैं।इन्होंने पहली बार सितम्बर 1982 में अपनी पढ़ाई के दौरान रक्तदान करने की शुरुआत की थी। 1985 को हिमाचल पथ परिवहन निगम में नौकरी ज्वाइन करने के बाद छिट-पुट रक्तदान करते रहे परन्तु 5 फरवरी 2004 को विश्व विख्यात योग ऋषि स्वामी रामदेव जी को अपना गुरु धारण करने के बाद और उनकी प्रेरणा से हर 3 महीने बाद रक्तदान करने का संकल्प लिया और श्री गुरुदेव जी की प्रेरणा से अपनी व अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रमा शर्मा सहित मरणोपरांत देहदान कर चुके हैंl रक्तदान के क्षेत्र में अब तक कई रक्तदान शिविर लगाकर और उनमें स्वयं रक्तदान करके एक मिसाल कायम कर चुके हैं और इनका लक्ष्य रक्तदान करने का शतक लगाने का है।
इसी कड़ी में आज पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में जड़ी बूटी दिवस के पावन अवसर पर बहुत विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें सैकड़ो युवक और युवतियों ने मानवता की सेवा हेतु
रक्तदान सेवा में जुटे हुए हैं और इसी शिविर में रजनेश कुमार द्वारा "86वीं" बार रक्तदान करके पतंजलि योगपीठ में नाम कमाया जिसके लिए इन्हें योग ऋषि स्वामी रामदेव जी और आयुर्वेद शिरोमणि श्रद्धैय बालकृष्ण जी द्वारा लगातार रक्तदान करने के लिए आशीर्वाद दिया।ज्ञात रहे कि आजकल रजनेश कुमार - योगाचार्य ने अपनी शेष बची जिन्दगी को देश निर्माण कार्य हेतु पतंजलि योगपीठ हरिद्वार (उत्तराखण्ड) में निःशुल्क सेवाओं में लगाया हुआ

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