स्वतंत्रता सेनानी वजीर राम सिंह पठानिया को आखिर क्यों भुलाया गया?
स्वतंत्रता सेनानी वजीर राम सिंह पठानिया को आखिर क्यों भुलाया गया?
फतेहपुर : बलजीत ठाकुर /
देश की आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी वजीर राम सिंह पठानिया की यादों को संजोने के उद्देश्य से फतेहपुर में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण करवाया गया था। इसी स्टेडियम परिसर में करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर कला मंच भी बनाया गया, ताकि राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन यहां किया जा सके।
लेकिन 15 अगस्त 2026, स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर भी यह कला मंच और स्टेडियम परिसर खाली नजर आया। दोपहर करीब 12 बजे की तस्वीरें इसकी स्थिति को साफ बयां कर रही हैं।
इसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि महान स्वतंत्रता सेनानी की स्मृति को जीवंत रखने के लिए लाखों रुपये खर्च कर स्टेडियम और कला मंच का निर्माण करवाया गया है, तो फिर ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम यहां आयोजित क्यों नहीं किए जा रहे हैं?
लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग उठाई है कि वजीर राम सिंह पठानिया की स्मृति में बने इस परिसर का सदुपयोग किया जाए और स्वतंत्रता दिवस सहित अन्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से यहां करवाया जाए।
लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता सेनानियों की यादगार केवल भवन और परिसर बनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके त्याग और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इन स्थानों को जीवंत रखना भी जरूरी है।
सवाल यही है—आखिर जिस महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, उनकी यादगार को कार्यक्रमों के माध्यम से जीवंत रखने में आखिर इतनी बेरुखी क्यों?

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