मंडी में मनाया गया राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, कारीगरों को नई तकनीक और मार्केटिंग की दी जानकारी
मंडी में मनाया गया राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, कारीगरों को नई तकनीक और मार्केटिंग की दी जानकारी
मंडी : अजय सूर्या /
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नाबार्ड की ओर से मंडी में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय विद्यालय मंडी में विद्यार्थियों के लिए हथकरघा विषय पर पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुक्रवार को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सरिय मंच में चार दिवसीय हथकरघा प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें पांच जिलों के करीब 15 स्टॉल लगाए गए हैं। सोलन, मंडी, चंबा, कुल्लू और सिरमौर के कारीगर अपने पारंपरिक हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री कर रहे हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्य कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध करवाने के साथ उनकी बिक्री को बढ़ावा देना है।
राजमहल में आयोजित कार्यक्रम में सिरमौर और कुल्लू सहित विभिन्न क्षेत्रों से करीब 150 हथकरघा कारीगरों ने भाग लिया। इस दौरान कारीगरों को नई तकनीकों, आधुनिक डिजाइनों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मार्केटिंग के नए तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के कबीर पुरस्कार विजेता अंशुल मल्होत्रा ने कारीगरों के साथ अपने अनुभव साझा किए और बदलते बाजार के अनुरूप उत्पादों एवं विपणन तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। आयोजकों ने बताया कि अपने ही क्षेत्र के अनुभवी कारीगरों से अनुभव साझा करने से अन्य कारीगरों को नई तकनीकों को समझने और अपनाने में अधिक आसानी होती है।
इस दौरान हथकरघा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न जिलों के चार-पांच कारीगरों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हथकरघा कारीगरों को प्रोत्साहित करना, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना तथा पारंपरिक हथकरघा कला को नई तकनीक और आधुनिक बाजार से जोड़ना है।

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