बुनकर सेवा केंद्र कुल्लू द्वारा कुल्लू के देव सदन में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सहायक आयुक्त डॉ जयबन्ती ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
बुनकर सेवा केंद्र कुल्लू द्वारा कुल्लू के देव सदन में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सहायक आयुक्त डॉ जयबन्ती ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
समारोह में मुख्य अतिथि ने बुनकर केंद्र कुल्लू द्वारा हथकरघा क्षेत्र में लोगों को दी जा रही सहायता व तकनीकी ज्ञान की सराहना करते हुए कहा कि जिला कुल्लू में बहुत से लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं और यहां की बुनाई की पारंपरिक शैली को पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक मशहूर किया है। अब कुल्लू की वुलन साड़ी भी विदेशों तक पहचान बना चुकी है। उन्होंने कहा कि हथकरघा गावों के लोगों की आजीविका का भी साधन है और बहुत से लोगों ने हथकरघा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार तक प्राप्त किये हैं। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यहाँ के बुनकर बड़े पत्रिश्रम के साथ बेहतरीन उत्पाद निर्मित कर रहे है परन्तु उस श्रम के मुताबिक़ उन्हें बढ़िया दाम नहीं मिल पाते। उन्होंने बुनकर सेवा केंद्र के अधिकारिओं से उनके उत्पाद कि बिक्री के लिए कुछ बड़े ऑनलाइन विक्रेता प्लेटफार्म के साथ कार्य करने कि संभावनाओं को तलाशने के लिए भी कहा ताकि उनके उत्पाद कि विक्री का दायरा बढाकर उचित मूल्य हासिल किया जा सके।
बुनकर सेवा केन्द्र कुल्लू के कार्यालयाध्यक्ष अनिल साहू ने मुख्यातिथि का शाल व टोपी पहनाकर अभिनंदन किया तथा अपने संबोधन में सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया। उपनिदेशक विनय कुमार ने भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय द्वारा बुनकरों के लिये चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुनकर सेवा केन्द्र कुल्लू भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय, विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय, नई दिल्ली के अधीनस्थ है। पूरे भारत वर्ष में ऐसे केन्द्र है। जिला कुल्लू में लगभग 10 हजार बुनकर हैं। यह केन्द्र पूरे प्रदेश के बुनकरों को समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत नई-नई तकनीकों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये प्रयासरत है। यह केन्द्र वस्त्र नमूने, पेपर डिजाईन व अन्य प्रकार की तकनीकी सहायता हथकरघा क्षेत्र के किसी भी जरूरतमंद को बहुत कम शुल्क पर उपलब्ध करवाता है तथा समय समय पर बुनाई एवं रंगाई की नई तरीके की जानकारियां भी प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में पोलिटेक्निक कॉलेज सेउबाग़ के प्रिसिपल एवं निफ्ड के पूर्व निदेशक डॉ पुनीत सूद ने हथकरघा के क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीक तथा ई- कोमर्स के महत्त्व पर बल दिया। जिला उद्योग केंद्र कुल्लू की प्रबंधक प्रवीण लता, खादी बोर्ड के विवेक कुमार सहित आनंद दोरजे, (सेवानिवृत प्रबंधक) हिम बुनकर ने भी अपने विचार प्रकट किये।
इस अवसर पर केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं, वस्त्र मंत्रालय कि योजनाओं के लाभार्थियों, राष्ट्रीय पुरस्कार तथा राष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त विजेताओं तथा हथकरघा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले बुनकरों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर अन्य विभागों अधिकारी तथा हथकरघा से जुड़े हुए अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

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