शोल्टू में चर्खा स्वयं सहायता समूह द्वारा 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन, किन्नौरी लिंगचेष् को मिला GI टैग
शोल्टू में चर्खा स्वयं सहायता समूह द्वारा 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन, किन्नौरी लिंगचेष् को मिला GI टैग
शोल्टू, किन्नौर
चर्खा स्वयं सहायता समूह (CHARKHA SHG)एवं स्थानीय हथकरघा शिल्पकारों द्वारा शोल्टू में 12 वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उत्साह पूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय हथकरघा परंपरा का सम्मान करना, स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहित करना तथा किन्नौर की समृद्ध बुनाई कला को नई पहचान देना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पी के झा महाप्रबंधक (General Manager) जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड, शोल्टू रहे। इस अवसर पर जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन, शोल्टू के प्रमुख श्री दीपक डेविड, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन एवं जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री पी के झा ने कहा कि हथकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भर भारत की पहचान है। किन्नौर के शिल्पकारों और चर्खा स्वयं सहायता समूह की महिला साथियों ने अपनी मेहनत, कौशल और समर्पण से इस परंपरा को नई पहचान दी है। किन्नौरी लिंगचे को GI टैग मिलना पूरे किन्नौर के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि स्थानीय बुनकरों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी तथा उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड और जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन भविष्य में भी ऐसे प्रयासों के साथ निरंतर खड़े रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान चर्खा स्वयं सहायता समूह की प्रधान श्रीमती आशा नेगी ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा किन्नौरी लिंगचे GI टैग प्रदान किया गया है। उन्होंने इसे पूरे किन्नौर और स्थानीय बुनकर समुदाय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि GI टैग मिलने से इस पारंपरिक उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित होगी, इसकी बाज़ार में विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा स्थानीय शिल्पकारों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम के दौरान चर्खा स्वयं सहायता समूह की महिला साथियों एवं स्थानीय शिल्पकारों ने अपने पारंपरिक हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन भी किया तथा भारतीय हथकरघा परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित जनों द्वारा "वोकल फॉर लोकल"आत्मनिर्भर भारत तथा भारतीय हथकरघा परंपरा को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
जेएसडब्ल्यू फाउंडेशनद्वारा संचालित चर्खा स्वयं सहायता समूह आज किन्नौर में महिला सशक्तिकरण, पारंपरिक हस्तकरघा कला के संरक्षण तथा सतत आजीविका सृजन का एक प्रेरणादायी मॉडल बन चुका है।

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